मिट्टी की सेहत पर फसल अवशेष जलाने के दुष्प्रभावों की चर्चा
हिंदुस्तान न्यूज़ एक्सप्रेस कानपुर | सीएसए के अधीन संचालित कृषि विज्ञान केंद्र दिलीप नगर पर फसल अवशेष प्रबंधन के अंतर्गत जिला स्तरीय जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम के शुरुआती सत्र में विशेषज्ञों द्वारा परली प्रबंधन, मिट्टी स्वास्थ्य प्रबंधन, रोग की प्रबंधन आदि विषयों पर विस्तृत चर्चा की गई। इस अवसर पर प्रगतिशील कृषक चरण सिंह ने किसानों को परली के महत्व पर प्रकाश डाला।उन्होंने किसानों से इसे अपनाने की अपील की। केंद्र के मृदा वैज्ञानिक डॉक्टर खलील खान ने नवोन्मेषी कृषि यंत्र हैप्पी सीडर, सुपर सीडर,मल्चर, बेलर आदि के उपयोग हेतु प्रेरित किया। उन्होंने एकीकृत पोषक तत्व प्रबंधन और मिट्टी की सेहत पर फसल अवशेष जलाने के दुष्प्रभावों की चर्चा की।केंद्र के वैज्ञानिक डॉक्टर राजेश राय ने कृषि उत्पाद की कटाई उपरांत प्रसंस्करण के बारे में बताते हुए ग्रामीण महिलाओं को द्वितीय कृषि से अधिक से अधिक लाभ उठाने पर बल दिया। इस अवसर पर जनपद के दो सैकड़ा से अधिक किसान उपस्थित रहे।
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