अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस पर कानपुर पुलिस ने महिलाओं को सम्मानित किया
हिंदुस्तान न्यूज़ एक्सप्रेस कानपुर। रविवार को अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर कानपुर कमिश्नरेट पुलिस द्वारा एक विशेष कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में एनजीओ से जुड़ी महिलाएं, शिक्षिकाएं, अधिवक्ता, डॉक्टर तथा पुलिस विभाग की महिला कर्मी शामिल हुईं।
पुलिस उपायुक्त लाइन, शिवा सिंह ने संचालन किया। डीसीपी लाइन शिवा सिंह ने बताया कि कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य समाज में महिलाओं के योगदान को सम्मानित करना और उन्हें प्रोत्साहित करना है। आज महिलाएं शिक्षा, स्वास्थ्य, न्याय, प्रशासन, सुरक्षा सहित लगभग हर क्षेत्र में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं और समाज के विकास में अपना अहम योगदान दे रही हैं। इसी योगदान को सम्मान देने के लिए इस कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कानपुर कमिश्नरेट पुलिस महिलाओं की सुरक्षा, सम्मान और सशक्तिकरण के लिए निरंतर कार्य कर रही है। इसी क्रम में वर्तमान में मिशन शक्ति अभियान 5.0 संचालित किया जा रहा है, जिसके माध्यम से महिलाओं और बालिकाओं को उनके अधिकारों, सुरक्षा उपायों तथा सहायता सेवाओं के बारे में जागरूक किया जा रहा है। महिलाओं को यह संदेश दिया गया कि वे शिक्षा प्राप्त करें, अपनी क्षमताओं को पहचानें और आत्मविश्वास के साथ अपने लक्ष्यों की प्राप्ति के लिए आगे बढ़ें। कानपुर कमिश्नरेट पुलिस सदैव महिलाओं की सुरक्षा, सम्मान और सहयोग के लिए प्रतिबद्ध है, ताकि महिलाएं निर्भीक होकर समाज में आगे बढ़ सकें और अपने सपनों को साकार कर सकें।
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बालिकाओं को किया सम्मानित, महिला सशक्तिकरण पर जोर
अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस पर प्रशासन ने भी कार्यक्रम अयोजित किया। नगर में राजकीय बाल गृह (बालिका), स्वरूप नगर परिसर में महिला सशक्तिकरण कार्यक्रम का आयोजन किया गया, जिसमें विधायक कल्याणपुर नीलिमा कटियार, सदस्य राज्य महिला आयोग पूनम द्विवेदी, मुख्य विकास अधिकारी दीक्षा जैन, उप निदेशक पुनीत कुमार मिश्र, जिला कार्यक्रम अधिकारी प्रीति, जिला प्रोबेशन अधिकारी विकास सिंह आदि उपस्थित रहे। कार्यक्रम के दौरान जनपद कानपुर नगर में शिक्षा के क्षेत्र में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाली बालिकाओं को बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ योजना के अंतर्गत प्रोत्साहन धनराशि प्रदान की गई। साथ ही मुख्यमंत्री कन्या सुमंगला योजना एवं बाल सेवा योजना के तहत चयनित बालिकाओं तथा विभाग में उत्कृष्ट कार्य वाली महिलाओं को प्रशस्ति पत्र दिया गया।