ऑपरेशन व्हाइट पाउडर के तहत अमेरिकन ओजी गांजा पकड़ा, गिरफ्तार
- प्रीमियम गांजा दिमाग की तंत्रिका तुरंत प्रभावी, 10 गुना अधिक है नशीला
हिंदुस्तान न्यूज़ एक्सप्रेस कानपुर।ऑपरेशन व्हाइट पाउडर के अंतर्गत पुलिस शहर में नशे के खिलाफ अभियान चला रही है। जिसमें प्रीमियम क्वालिटी का है और सामान्य गांजे से दस गुना अधिक नशीला होता है। 17 मार्च को कल्याणपुर क्षेत्र में पनकी नहर के पास से नवाबगंज के पिंकू वर्मा को गिरफ्तार कर जेल भेजा गया था। उसके पास अमेरिकन ओजी गांजा और सामान्य गांजा मिला था। आरोपी इस गांजे को शिक्षण संस्थानों के छात्रों को बेचता था। केवल 10 ग्राम पुड़िया की कीमत तीन हजार रुपये से अधिक है। उसके पास से 114 ग्राम अमेरिकन ऑरिजनल गैंगस्टर और 1.008 किलो सामान्य गांजा मिला था।
एडीसीपी ऑपरेशन सुमित सुधाकर रामटेके ने बताया कि 17 मार्च को आईपीएस सुमेध मिलिंद जाधव और सर्विलांस टीम ने आरोपी को दबोचा था। एडीसीपी ऑपरेशन के मुताबिक अमेरिकन ऑरिजनल गैंगस्टर गांजे का नशा बैंकॉक, चीन और कई यूरोपीय देशों में किया जाता है। कई बार तस्करी करने वाल चोरी छिपे नेपाल, बांग्लादेश और अन्य देशों से ले आते हैं। इन एशियाई देशों से गांजा देश में आ जाता है। इसकी छोटी छोटी पुड़िया बनाई जाती है। यह कंसंट्रेटेड फार्म में रहता है।
पुलिस अधिकारियों ने बताया कि सामान्य गांजे में टेट्राहाइड्रोकैनाबिनोल (टीएचसी) की मात्रा केवल तीन प्रतिशत होती है जबकि अमेरिकन ऑरिजन गैंगस्टर में 30 फीसदी रहती है। इसके उपयोग से दिमाग की तंत्रिका तुरंत प्रभावी होती है। छात्र अधिकतर इसका उपयोग सक्रियता के लिए करते हैं लेकिन इसके दूरगामी परिणाम खतरनाक होते हैं। जीएसवीएम मेडिकल कॉलेज के मनोरोज विभागाध्यक्ष प्रो. धनंजय चौधरी ने बताया कि शुरुआत में गांजा और अन्य सूखा नशा करने वालों को बेहतर महसूस होता है लेकिन इसके परिणाम काफी भयानक होते हैं। इसकी वजह से गुस्सा, नाराजगी और जान देने का मन करता है।
शहर के कुछ शिक्षण संस्थानों में प्रीमियम और सामान्य गांजे की सप्लाई होने की जानकारी हुई है। छात्र इनका उपयोग कर रहे हैं। उनके अधिकारियों को सूचना दे दी गई है। जल्द ही अभियान चलाकर छात्रों को जागरूक किया जाएगा।
-डॉ. विपिन ताडा, अपर पुलिस आयुक्त कानून व्यवस्था