भगत सिंह की प्रतिमा स्थल एवं फाउंडेशन की दुर्दशा पर आक्रोश
हिंदुस्तान न्यूज़ एक्सप्रेस कानपुर | आम आदमी पार्टी के वरिष्ठ पूर्व पार्षद एवं नेत्रदान प्रेरक मदन लाल भाटिया ने एक प्रेस बयान में जानकारी देते हुए बताया की उत्तर प्रदेश की सबसे ज्यादा आबादी वाला क्रांतिकारियो का शहर कानपुर,जिसमें लाटूश रोड पर स्थित भगत सिंह मार्केट में शहीदे आजम भगत सिंह जी की एकमात्र प्रतिमा स्थापित है , जो दुर्दशा को प्राप्त है। प्रतिमा स्थल के आसपास गंदगी का साम्राज्य है फाउंडेशन की टायलें टूटी हैं, आसपास भी बहुत गंदगी है ।पार्क के चारों तरफ की जाली टूटी है। देश की आजादी के लिए शहीद हुए क्रांतिकारियोके नाम से उनकी याद में तथा श्रद्धांजलि देने के उद्देश्य से बनाये गए पार्कों एवं प्रतिमा स्थलों के रख रखाओ की जिम्मेदारी कानपुर नगर निगम की है। उल्लेखनीय है की 23 मार्च 1931को शहीद ए आज़म भगत सिंह को फांसी दी गई थी। इस दिन को पूरे देश में शहीदी दिवस के रूप में मनाया जाता है। प्रतिमा स्थल को देखने के बाद यह महसूस होता है कि कानपुर नगर निगम अपने कान में तेल डालकर पड़ा हुआ है उनका देश को आजाद करने वाले शहीदों की कोई फिक्र ही नहीं है। नगर निगम कानपुर की लापरवाही,और जिम्मेदारी न उठाने की प्रवृत्ति के कारण उक्त स्थल की दुर्दशा है। नगर निगम उद्यान विभाग की यह जिम्मेदारी है की कानपुर नगर निगम सीमा के अंतर्गत देश के क्रांतिकारियों के नाम से स्थापित प्रतिमा स्थल एवं पार्कों पर शहीदों की जन्म तिथि एवं निर्वाण दिवस पर आयोजित कार्यक्रम से पहले प्रतिमा स्थल की एवं पार्क की सफाई, रिपेयरिंग, रंगाई पुताई की व्यवस्था एवं माल्यार्पण का इंतजाम करवाए। लेकिन वर्तमान समय में उद्यान विभाग की कार्यप्रणाली एवं उदासीनता के चलते शहीदों का अपमान हो रहा है, जिससे शहर वासियों में आक्रोश है। आम आदमी पार्टी कानपुर के नरेश अग्रवाल ने कहा कि देश के शहीदों का अपमान बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। आम आदमी पार्टी के कार्यकर्ताओ ने नगर निगम कानपुर की कर प्रणाली की निंदा करते हुए कहा की स्वयं प्रतिमा स्थल एवं मूर्ति की सफाई करके 23 मार्च 2026 दिन सोमवार को योग के स्थल पर ही कार्यक्रम आयोजित करेंगे।
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