जटिल कंधा फ्रैक्चर का सफल प्रत्यारोपण: सड़क दुर्घटना पीड़ित को UPUMS सैफई में मिला नया जीवन
हिंदुस्तान न्यूज़ एक्सप्रेस सैफई इटावा। उत्तर प्रदेश आयुर्विज्ञान विश्वविद्यालय (यूपीयूएमएस), सैफई के ऑर्थोपेडिक विभाग ने एक बार फिर अपनी उन्नत चिकित्सीय दक्षता का परिचय देते हुए सड़क दुर्घटना में गंभीर रूप से घायल 45 वर्षीय मरीज का सफल कंधा प्रत्यारोपण (शोल्डर रिप्लेसमेंट) कर उसे नई जीवन गुणवत्ता प्रदान की है।
मरीज के दाहिने कंधे में अत्यंत जटिल फोर-पार्ट फ्रैक्चर पाया गया था, जिसमें हड्डियों के अत्यधिक क्षतिग्रस्त होने के कारण पारंपरिक प्लेटिंग अथवा रीकंस्ट्रक्शन द्वारा उपचार संभव नहीं था। विशेषज्ञों के अनुसार, ऐसे मामलों में एवस्कुलर नेक्रोसिस एवं भविष्य में आर्थराइटिस की आशंका अधिक रहती है। इसी को ध्यान में रखते हुए कंधा प्रत्यारोपण को सर्वोत्तम विकल्प के रूप में चुना गया।
मूलतः इटावा निवासी एवं वर्तमान में दिल्ली में रह रहे मरीज ने विशेषज्ञों की सलाह पर सैफई में उपचार कराने का निर्णय लिया। विस्तृत जांच, जिसमें सीटी स्कैन एवं एक्स-रे शामिल थे, के उपरांत मरीज को ऑपरेशन से संबंधित सभी पहलुओं—लाभ एवं संभावित जोखिम—की जानकारी दी गई, जिसके पश्चात उनकी सहमति प्राप्त की गई।
ऑर्थोपेडिक सर्जरी विभागाध्यक्ष प्रो. डॉ. सुनील कुमार के नेतृत्व में विशेषज्ञ चिकित्सकों की टीम द्वारा यह जटिल सर्जरी सफलतापूर्वक संपन्न की गई। यह सर्जरी अत्यंत चुनौतीपूर्ण मानी जाती है, जिसमें कंधे की गतिशीलता सुनिश्चित करने हेतु रोटेटर कफ मांसपेशियों एवं टेंडन्स का सटीक पुनर्स्थापन आवश्यक होता है।
सर्जरी के पश्चात मरीज की स्थिति में उल्लेखनीय सुधार हुआ है तथा वे शीघ्र ही सामान्य जीवन की ओर अग्रसर हैं।
प्रो. डॉ. सुनील कुमार ने बताया कि जटिल फ्रैक्चर के मामलों में समय पर उचित सर्जिकल निर्णय लेना अत्यंत महत्वपूर्ण होता है। कंधा प्रत्यारोपण से न केवल दर्द में राहत मिलती है, बल्कि कंधे की कार्यक्षमता भी प्रभावी रूप से पुनर्स्थापित होती है।
विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. डॉ. अजय सिंह ने इस उपलब्धि पर हर्ष व्यक्त करते हुए ऑर्थोपेडिक विभाग एवं संपूर्ण चिकित्सा टीम को बधाई दी। उन्होंने कहा कि इस प्रकार की उन्नत सर्जिकल सेवाएं संस्थान की उच्च स्तरीय चिकित्सा क्षमता एवं प्रतिबद्धता को दर्शाती हैं।
उन्होंने यह भी उल्लेख किया कि अब जटिल सर्जरी के लिए मरीजों का महानगरों पर निर्भर रहना आवश्यक नहीं रह गया है। बड़े शहरों से मरीजों का सैफई में उपचार हेतु आना संस्थान में बढ़ते विश्वास एवं उपलब्ध अत्याधुनिक सुविधाओं का प्रमाण है।
यह सफलता न केवल विश्वविद्यालय को राष्ट्रीय स्तर पर नई पहचान दिला रही है, बल्कि क्षेत्रीय स्वास्थ्य सेवाओं को सशक्त बनाने की दिशा में भी एक महत्वपूर्ण कदम सिद्ध हो रही है।