मोतियों सी लिखावट ने दिलाया समाधान, आवेदन देख ठिठक गए डीएम
*कक्षा दस की छात्रा शिवानी का लिखा एप्लिकेशन पहली नजर में लोगों को लगा कंप्यूटर प्रिंटेड
*अच्छी राइटिंग के लिए डीएम ने छात्रा को किया सम्मानित, पेन सेट, किताब व स्कूल बैग किया भेंट
हिंदुस्तान न्यूज़ एक्सप्रेस कानपुर नगर।अच्छी लिखावट केवल अच्छे अंक ही नहीं दिलाती, कभी-कभी समस्या के समाधान का कारण भी बन जाती है। जनतादर्शन में ऐसा ही एक दिलचस्प दृश्य सामने आया, जब एक आवेदन पत्र की मोतियों सी लिखावट ने जिलाधिकारी जितेंद्र प्रताप सिंह का ध्यान अपनी ओर खींच लिया। कागज पर उकेरे गए अक्षर इतने सधे, संतुलित और सुंदर थे कि जिलाधिकारी भी क्षण भर के लिए उसे ध्यान से देखने लगे। पहली नजर में कई लोगों को लगा कि आवेदन कंप्यूटर से टाइप कर प्रिंट किया गया है, लेकिन पास जाकर देखने पर पता चला कि यह कलम से लिखा गया है।
मोतियों की तरह सजे अक्षरों और एक समान आकार वाली पंक्तियों को देखकर जनतादर्शन कक्ष में मौजूद अधिकारी, कर्मचारी और फरियादी भी आश्चर्यचकित रह गए। कई लोग आवेदन को पास से देखने लगे और उसकी लिखावट की खुलकर सराहना करने लगे। कुछ देर के लिए जनतादर्शन कक्ष में यह आवेदन चर्चा का विषय बन गया।
जिलाधिकारी ने आवेदन देने आए नरवल क्षेत्र के रामसजीवन से पूछा कि यह आवेदन किसने लिखा है। रामसजीवन ने बताया कि यह उनकी पोती शिवानी ने लिखा है। यह सुनते ही जिलाधिकारी ने छात्रा की लिखावट की सराहना करते हुए कहा कि इतनी सुंदर और संतुलित लिखावट वास्तव में प्रशंसनीय है।
जिलाधिकारी के निर्देश पर एसडीएम नरवल विवेक कुमार मिश्रा ने पेड़ों के विवाद से संबंधित मामले का समाधान भी कराया।
बुधवार को जिलाधिकारी ने शिवानी को पेन सेट, किताब और स्कूल बैग देकर सम्मानित किया। इस दौरान उन्होंने छात्रा की कॉपियों का भी अवलोकन किया। उसकी सभी कॉपियों में मोतियों की तरह सजी सुंदर लिखावट देखकर जिलाधिकारी ने उसकी विशेष सराहना की और उसे जीवन में बड़े लक्ष्य हासिल करने के लिए प्रेरित किया।
आवेदनपत्र लिखने वाली शिवानी हाल ही में कक्षा नौ उत्तीर्ण कर अब कक्षा दस में अध्ययनरत हैं। वह महर्षि दयानंद बब्बू लाल इंटर कॉलेज, उमरी नरवल की छात्रा हैं। खास बात यह है कि शिवानी ने कभी किसी संस्थान से कैलियोग्राफी का प्रशिक्षण नहीं लिया है, फिर भी उसकी लिखावट इतनी सुंदर और आकर्षक है कि देखने वाला सहज ही प्रभावित हो जाता है।
शिवानी के बाबा रामसजीवन ने बताया कि उसे बचपन से ही साफ और सुंदर लिखने की आदत है। जब भी वह किसी के लिए आवेदन या पत्र लिखती है, लोग उसकी लिखावट की विशेष रूप से प्रशंसा करते हैं।