संचारी रोग नियंत्रण अभियान के तहत शहरी क्षेत्रों में सघन निरीक्षण
हिंदुस्तान न्यूज़ एक्सप्रेस कानपुर | विशेष संचारी रोग नियंत्रण अभियान एवं दस्तक अभियान के अंतर्गत वेक्टर जनित रोगों की रोकथाम हेतु विभिन्न गतिविधियां संपन्न कराई गईं। जिला मलेरिया अधिकारी अरुण कुमार सिंह द्वारा कानपुर नगर के शहरी क्षेत्र ग्वालटोली अंतर्गत परमट एवं श्याम घाट क्षेत्रों का निरीक्षण किया गया। इस दौरान डीटीसी ग्वालटोली के अधीन संबंधित मोहल्लों का भ्रमण कर अभियान की प्रगति का जायजा लिया गया। 23 अप्रैल 2026 को संचालित दस्तक एवं संचारी रोग नियंत्रण अभियान के तहत घर-घर चल रही गतिविधियों का निरीक्षण किया गया। भ्रमण के दौरान जिला मलेरिया अधिकारी ने स्वयं घर-घर जाकर लोगों से संवाद किया और अभियान के अंतर्गत संचालित कार्यों की जानकारी ली। साथ ही संचारी रोगों से बचाव के उपायों के बारे में जागरूक किया।अभियान के अंतर्गत चिन्हित 12 प्रमुख संचारी रोगों के प्रति जनमानस को जागरूक करते हुए उनके लक्षण एवं बचाव के उपायों की जानकारी दी गई। लोगों से अपील की गई कि किसी भी प्रकार के लक्षण दिखाई देने पर तत्काल सरकारी अस्पताल में जाकर जांच कराएं। निरीक्षण के दौरान आशा एवं आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं द्वारा शहरी क्षेत्र में पंपलेट वितरण कार्य भी किया गया, जिसकी समीक्षा जिला मलेरिया अधिकारी द्वारा की गई। इसके अतिरिक्त जनप्रतिनिधियों के साथ बैठक कर वेक्टर जनित रोगों की रोकथाम के संबंध में विस्तार से चर्चा की गई, जिसमें स्थानीय लोगों ने सक्रिय सहभागिता निभाई।अभियान के तहत कुल 40 घरों का सर्वेक्षण किया गया, जिसमें कोई भी घर पॉजिटिव नहीं पाया गया। साथ ही 196 जल-पात्रों का निरीक्षण किया गया, जिनमें कहीं भी मच्छर लार्वा नहीं मिला | निरीक्षण के दौरान यह पाया गया कि क्षेत्र में नालियों की सफाई, झाड़ियों की कटाई तथा पंचायती राज माइक्रोप्लान के अनुसार कार्य कराए जा रहे हैं। पशुपालन विभाग द्वारा पशुपालकों को जागरूक करते हुए पशु बाड़ों को आबादी से दूर रखने की सलाह दी गई। साथ ही सूकर पालकों को भी सूकर बाड़े आबादी से बाहर रखने के निर्देश दिए गए। कृषि रक्षा विभाग द्वारा चूहे एवं अन्य रोडेंट्स से फैलने वाले स्क्रब टाइफस रोग के प्रति भी जागरूक किया गया।शहरी क्षेत्रों में सोर्स रिडक्शन, इंडोर स्पेस स्प्रे तथा नालियों में लार्वीसाइडल छिड़काव कराया गया, जबकि ग्रामीण क्षेत्रों में ब्लीचिंग पाउडर का छिड़काव किया गया। साथ ही एंटोमोलॉजिकल सर्वे, लार्वा नियंत्रण एवं व्यापक जनजागरूकता अभियान चलाया गया।जनसमुदाय से अपील की गई कि जलभराव न होने दें, एकत्रित पानी को हटाएं तथा आवश्यकतानुसार जला हुआ मोबिल ऑयल या केरोसीन ऑयल का उपयोग करें। मच्छरों से बचाव हेतु शरीर को ढककर रखें एवं मच्छररोधी क्रीम का प्रयोग करें।संचारी रोगों से संबंधित सूचना देने एवं जानकारी प्राप्त करने हेतु यूएचएम चिकित्सालय, परेड स्थित कंट्रोल रूम के हेल्पलाइन नंबर 0512-2333810 एवं 9335301096 तथा नगर निगम कंट्रोल रूम के हेल्पलाइन नंबर 0512-2526004, 2526005 संचालित हैं। सूचना प्राप्त होने पर संबंधित क्षेत्रों में टीम द्वारा तत्काल आवश्यक कार्रवाई की जा रही है।
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