अंध विद्यालय के 105 बच्चों में 13 सर्जरी योग्य, सीएसआर फंडों से होगा निःशुल्क ईलाज
हिंदुस्तान न्यूज़ एक्सप्रेस कानपुर। अंध विद्यालय में नेत्र शिविर में 105 दृष्टिबाधित बच्चों की जांच के दौरान 13 ऐसे बच्चे चिन्हित हुए, जिनकी आंखों की रोशनी सर्जरी से वापस लाई जा सकती है। बच्चों ने कभी रोशनी नहीं देखी, उनके जीवन में अब उजाले की गुंजाइश बनी है। इनमें कक्षा एक के हर्ष, कक्षा दो के शिव शंकर और कक्षा चार के नैतिक व केशव दुबे जैसे बच्चे शामिल हैं। जिला प्रशासन के तहत रोटरी क्लब ऑफ कानपुर सूर्या और जेसीआई के सहयोग से आयोजित इस नेत्र परीक्षण शिविर में विशेषज्ञ चिकित्सकों ने प्रत्येक बच्चे की आंखों का गहन परीक्षण किया। डीएम जितेंद्र प्रताप सिंह ने कहा कि इस पहल का उद्देश्य केवल परीक्षण से ऐसे बच्चों को चिन्हित कर उन्हें उपचार उपलब्ध कराना है, जिनकी दृष्टि वापस लाई जा सकती है। प्रशासन इस दिशा में हर संभव सहयोग सुनिश्चित करेगा। मुख्य विकास अधिकारी अभिनव जैन ने कहा कि जनपद में कार्यभार ग्रहण करने के पहले ही दिन इस शिविर से जुड़ना उनके लिए महत्वपूर्ण अनुभव रहा। वरिष्ठ नेत्र चिकित्सक डॉ. शालिनी मोहन ने बताया कि चिन्हित बच्चों का आगे विस्तृत परीक्षण कराया जाएगा और आवश्यकता अनुसार सर्जरी कराई जाएगी। साथ ही विद्यालय में प्रत्येक 15 दिन पर नेत्र एवं बाल रोग विशेषज्ञों की टीम द्वारा नियमित स्वास्थ्य परीक्षण सुनिश्चित किया जाएगा। कार्यक्रम के उपरांत अधिकारियों ने विद्यालय का भ्रमण कर वहां उपलब्ध सुविधाओं का अवलोकन किया और बच्चों के विकास के लिए किए जा रहे प्रयासों की सराहना की। कार्यक्रम में जिला दिव्यांगजन सशक्तिकरण अधिकारी विनय उत्तम और वरिष्ठ नेत्र चिकित्सक डॉ. शालिनी मोहन मौजूद रहे।
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