सुप्रीम कोर्ट की नजीर पर हाईकोर्ट ने लगाई पुलिस को फटकार, ठहराया गैरकानूनी
- फर्जी डिग्री केस के सरगना समेत चार आरोपी रिहा
हिंदुस्तान न्यूज़ एक्सप्रेस कानपुर। हाईकोर्ट ने यूपी पुलिस की फर्जी डिग्री मामले में फटकार लगाते हुए मुख्य आरोपी सहित चार को रिहा किया। हाईकोर्ट ने सुप्रीम कोर्ट की नजीर मिहिर राजेश बनाम महाराष्ट्र राज्य व अन्य के मामले में दिए गए प्रावधानों को पालन नहीं किया है। पूर्व डीजीसी ने बताया कि हाईकोर्ट की दो सदस्यीय खंडपीठ बचाव पक्ष के तर्कों से सहमत थी, जिसके बाद तत्काल प्रभाव से आरोपियों को छोड़ने के आदेश हाईकोर्ट की डबल बेंच ने दिए।
हाईकोर्ट ने आरोपियों की गिरफ्तारी को ही कठघरे में खड़ा कर दिया। गिरफ्तारी को अवैधानिक बताते हुए हाईकोर्ट ने पुलिस के गिरफ्तारी मेमो और मजिस्ट्रेट के न्यायिक रिमांड को तत्काल प्रभाव से रद्द (क्वैस्ड) कर दिया। हाईकोर्ट ने तत्काल आरोपियों को रिहा करने के आदेश दिए थे। इस आदेश के बाद गुरुवार को मुख्य आरोपी समेत चार आरोपियों को रिहा कर दिया गया। मामले में एक आरोपी जोगेन्द्र की ओर से हाईकोर्ट में याचिका दाखिल की गई थी। जिस पर सुनवाई करते हुए 28 अप्रैल को यह आदेश जारी किया गया। किदवई नगर पुलिस ने बीते 18 फरवरी को गौशाला चौराहा स्थित शैल ग्रुप ऑफ एजुकेशन में छापा मारकर साकेत नगर निवासी शैलेंद्र ओझा, कौशांबी का नागेंद्र मणि त्रिपाठी, दिल्ली रोहिणी का जोगेंद्र और शुक्लागंज उन्नाव के अश्वनी कुमार सिंह को गिरफ्तार कर जेल भेजा था। पुलिस के मुताबिक इनके पास से 9 राज्यों के 14 विश्वविद्यालयों की 900 से ज्यादा डिग्रियां, माइग्रेशन प्रमाण पत्र व अंकपत्र मिले थे। इतनी बड़ी तादात में दस्तावेज मिलने पर पुलिस कमिश्नर रघुबीर लाल ने जांच के लिए एसआईटी गठित की थी। मामले की जांच अभी भी चल रही है। मामले में वरिष्ठ अधिवक्ता व पूर्व डीजीसी पीयूष शुक्ला और अधिवक्ता संपूर्णानंद राहुल भट्ट ने बताया कि इस मामले में पुलिस की गिरफ्तारी को चुनौती देते हुए हाईकोर्ट में बंदी प्रत्यक्षीकरण के तहत याचिका दाखिल की गई थी।
हाईकोर्ट के इस आदेश पर अपर सिविल जज (सीनियर डिवीजन)/अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट स्वतंत्र सिंह रावत ने जेल अधीक्षक को आदेश दिए। दरअसल, 19 फरवरी को जोगेन्द्र के साथ ही तीन अन्य आरोपी शैलेंद्र कुमार ओझा, नागेन्द्र मणि त्रिपाठी और अश्वनी कुमार सिंह का भी रिमांड स्वीकृत किया गया था, लिहाजा चारों को रिहा किया जाए। जेल अधीक्षक राजेश कुमार पांडेय ने बताया कि चारों आरोपियों को रिहा कर दिया गया है।