परेड बाजार हटाने के विरोध में उतरी सपा-कांग्रेसः बोले-लाठियां खाएंगे, लेकिन दुकानें नहीं उजड़ने देंगे
हिंदुस्तान न्यूज़ एक्सप्रेस कानपुर। परेड मैदान में शनिवार को दुकानदारों के साथ सपा और कांग्रेस नेताओं की बड़ी बैठक हुई। शुक्रवार को नगर निगम की टीम परेड बाजार पहुंची थी, जहां माइक से घोषणा कर दुकानदारों को दो दिन के भीतर दुकानें हटाने के निर्देश दिए गए थे। चेतावनी दी गई थी कि समय सीमा पूरी होने के बाद अतिक्रमण हटाओ अभियान चलाकर दुकानें हटा दी जाएंगी।बैठक में सपा विधायकों ने नगर निगम की कार्रवाई का विरोध किया। उन्होंने कहा- कुछ लोग जमीन को वक्फ की बता रहे हैं। अगर वक्फ की नहीं है तो नजूल की हो सकती है, लेकिन नगर निगम की जमीन नहीं है। सपा नेताओं ने कहा- यहां के हजारों दुकानदारों के साथ बैठक कर फैसला लिया गया है कि समाजवादी पार्टी के तीनों विधायक और कांग्रेस कमेटी इस मामले में हर वैधानिक लड़ाई लड़ेंगे। उन्होंने कहा- हम तैयार हैं। हम मारेंगे नहीं, लेकिन मानेंगे भी नहीं। जरूरत पड़ी तो लाठियों के सामने अपनी छाती ले आएंगे, लेकिन दुकानदारों के साथ खड़े रहेंगे और दुकानें नहीं हटने देंगे।”परेड मैदान में टट्टर और छोटी दुकानों के जरिए करीब एक हजार दुकानदार रोजगार चला रहे हैं। इस बाजार में कपड़े, बैग और रोजमर्रा की जरूरत का सामान सस्ते दामों पर मिलता है। बताया जाता है कि शहर का यह परेड बाजार 100 साल से भी ज्यादा पुराना है। यहां कानपुर के अलग-अलग इलाकों से गरीब और मध्यम वर्गीय लोग खरीदारी करने पहुंचते हैं।