श्री मद्भागवत कथा के चौथे दिन श्री कृष्ण जन्म प्रसंग पर श्रोता भक्ति रस में डूबे |
कुरारा, हमीरपुर l विकास खंड के झलोखर गांव में चल रही सात दिवसीय श्रीमद्भागवत कथा के चौथे दिन आज श्रीकृष्ण जन्म का प्रसंग आते ही पूरा पंडाल आनंद और भक्ति के रस में डूब गया।
औरेया से पधारे सुप्रसिद्ध कथावाचक पं. सौरभ तिवारी जी महाराज ने भगवान श्रीकृष्ण के जन्म की मनोहारी और जीवंत कथा का वर्णन किया। महाराज जी ने जैसे ही कंस के अत्याचारों, वासुदेव-देवकी के संघर्ष और भगवान के कारागार में प्रकट होने के प्रसंग को सुनाया, श्रद्धालु भाव-विभोर हो उठे। इसके बाद कन्हैया के जन्म की बधाई गाकर पूरा माहौल उत्सव में बदल गया और श्रद्धालु झूमने-नाचने लगे।
मुख्य बिंदु:
कथा के मुख्य परीक्षित: रानी देवी और मुन्ना सिंह कछवाह।
श्रद्धालुओं की भारी भीड़: इस सप्तदिवसीय दिव्य कथा को सुनने के लिए झलोखर और आसपास के क्षेत्रों से भारी संख्या में श्रद्धालु रोज पहुंच रहे हैं। विशाल भंडारा: आगामी 25 मई (सोमवार) को श्री सिद्धेश्वर बालाजी मंदिर में एक विशाल भंडारे का आयोजन किया जाएगा, जिसमें सभी भक्तों को प्रसाद ग्रहण करने के लिए आमंत्रित किया गया है। भक्ति का माहौल: झलोखर गांव में इन दिनों पूरी तरह से धार्मिक माहौल बना हुआ है। दोपहर 3 बजे से कथा स्थल पर भक्तों का तांता लगना शुरू हो जाता है, और शाम को भगवान की आरती के साथ दिन की कथा का विश्राम होता है।