ऑटिज्म, सेरेब्रल पाल्सी और बौद्धिक दिव्यांगजनों को मिलेगा कानूनी सहारा, परिजन बन सकेंगे विधिक संरक्षक
*डीएम की अध्यक्षता में समिति के समक्ष 16 प्रस्तावों पर हुई चर्चा, ‘द नेशनल ट्रस्ट’ पोर्टल के माध्यम से किया जा सकता है आवेदन
हिंदुस्तान न्यूज़ एक्सप्रेस कानपुर नगर।ऑटिज्म, सेरेब्रल पाल्सी, बौद्धिक दिव्यांगता और बहुदिव्यांगता से जूझ रहे लोगों को सुरक्षित, सम्मानजनक और व्यवस्थित जीवन उपलब्ध कराने की दिशा में बुधवार को कलेक्ट्रेट सभागार में जिलाधिकारी जितेंद्र प्रताप सिंह की अध्यक्षता में जिला स्तरीय समिति की बैठक आयोजित हुई। बैठक में ऐसे दिव्यांगजनों के लिए विधिक संरक्षक नियुक्त किए जाने संबंधी 16 प्रस्तावों पर सुनवाई एवं चर्चा की गई।
बैठक में बताया गया कि कई मानसिक एवं बौद्धिक दिव्यांगजन अपने दैनिक जीवन, बैंकिंग, इलाज, शिक्षा, संपत्ति अथवा सरकारी योजनाओं से जुड़े निर्णय स्वयं लेने में सक्षम नहीं होते। ऐसे मामलों में माता-पिता अथवा निकट संबंधी विधिक संरक्षक बनने के लिए आवेदन कर सकते हैं। संरक्षक नियुक्त होने के बाद दिव्यांगजन के हितों की कानूनी सुरक्षा सुनिश्चित होती है और उनके जीवन को अधिक गरिमापूर्ण एवं सुरक्षित बनाने में मदद मिलती है।
जिलाधिकारी ने कहा कि पात्र परिवार इस व्यवस्था का लाभ अवश्य लें। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि अधिक से अधिक लोगों को इस संबंध में जागरूक किया जाए, जिससे कोई भी जरूरतमंद परिवार जानकारी के अभाव में वंचित न रह जाए।
बैठक में जानकारी दी गई कि संरक्षक नियुक्ति के लिए राष्ट्रीय न्यास की वेबसाइट https://nationaltrust.nic.in/ के माध्यम से ऑनलाइन आवेदन किया जा सकता है।
आवेदन के बाद जिला स्तरीय समिति द्वारा प्रकरण की जांच एवं सुनवाई कर निर्णय लिया जाता है। बैठक में जिला दिव्यांगजन सशक्तिकरण अधिकारी विनय कुमार उत्तम, संबंधित विभागीय अधिकारियों एवं समिति के सदस्यों की उपस्थिति रही।