चिकित्सकों ने कांफ्रेंस के जरिए तंबाकू की लत के दुष्प्रभावों के प्रति लोगों को किया जागरूक
- तम्बाकू से होने वाली मृत्यु एचआईवी, ड्रग्स, अल्कोहल, सड़क दुर्घटना या गोली बारी सभी की संयुक्त मृत्यु दर से अधिक
हिंदुस्तान न्यूज़ एक्सप्रेस कानपुर | इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (आईएमए) कानपुर शाखा एवं इंडियन डेंटल एसोसिएशन (आईडीए) कानपुर ने संयुक्त रूप से "विश्व तंबाकू निषेध दिवस" के अवसर पर आईएमए कॉन्फ्रेंस हॉल, "टेम्पल ऑफ सर्विस" में पत्रकार वार्ता का आयोजन किया। प्रेस वार्ता को आईएमए के अध्यक्ष डॉ. अनुराग मेहरोत्रा, सचिव प्रो. डॉ. शालिनी मोहन, वित्त सचिव डॉ. विशाल सिंह वैज्ञानिक सचिव डॉ. दीपक श्रीवास्तव एवं संयुक्त वैज्ञानिक सचिव डॉ. कुश पाठक, तथा इंडियन डेंटल एसोसिएशन के अध्यक्ष डॉ. जगवीर सिंह सलूजा, सचिव डॉ. सौरभ सिंह, कोषाध्यक्ष डॉ. अमित मिश्रा एवं मैक्सिलोफेशियल सर्जन डॉ. प्रशांत गुप्ता ने संयुक्त रूप से संबोधित किया।
विश्व तंबाकू निषेध दिवस" प्रत्येक वर्ष 31 मई को मनाया जाता है। वर्ष 2026 की इस वर्ष की आधिकारिक थीम "आकर्षण का पर्दाफाश निकोटीन और तंबाकू की लत का मुकाबला" निर्धारित की गई है। इस वर्ष का उद्देश्य युवाओं एवं आमजन को तंबाकू उत्पादों के भ्रामक प्रचार, आकर्षक पैकेजिंग तथा निकोटीन की लत के दुष्प्रभावों के प्रति जागरूक करना है। धूम्रपान एवं अन्य तंबाकू उत्पादों के सेवन से कैंसर, हृदय रोग, फेफड़ों की बीमारियाँ, स्ट्रोक तथा अनेक जानलेवा रोग उत्पन्न होते हैं। निकोटीन एक अत्यंत नशे की लत पैदा करने वाला पदार्थ है, जो विशेष रूप से युवाओं को तेजी से अपनी गिरफ्त में लेता है। विशेषज्ञों ने बताया कि वर्तमान समय में तंबाकू कंपनियाँ आकर्षक विज्ञापनों, फ्लेवरयुक्त उत्पादों एवं आधुनिक पैकेजिंग के माध्यम से युवाओं को लुभाने का प्रयास कर रही हैं। ऐसे में समाज के प्रत्येक वर्ग को जागरूक होकर इस लत से बचने एवं दूसरों को भी बचाने का संकल्प लेना चाहिए। तंबाकू सेवन कैंसर, हृदय रोग, फेफड़ों की बीमारी, मुख कैंसर एवं अनेक गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं का प्रमुख कारण है। निकोटीन की लत विशेष रूप से युवाओं को तेजी से प्रभावित कर रही है। वक्ताओं ने बताया कि लगभग 1.3 अरब लोग तंबाकू का सेवन करते है। तम्बाकु के कारण विश्व भर में 80 लाख मृत्यु होती है जिसमे से 13 लाख मृत्यु सेकंड हैंड स्मोकिंग के कारण होती है। तम्बाकू के कारण होने वाली मृत्यु एचआईवी, ड्रग्स, अल्कोहल, सड़क दुर्घटना या गोली बारी सभी की संयुक्त मृत्यु दर से अधिक है। वक्ताओं ने बताया कि गुटखा, पान मसाला एवं धूम्रपान से मुख एवं गले के कैंसर के मामलों में निरंतर वृद्धि हो रही है, जिससे बचाव के लिए जनजागरूकता अत्यंत आवश्यक है।धुम्रपान 90% सभी प्रकार के फेफड़ों में होने वाले कैंसर का कारण है। धुमपान 80%, सीओपीडी से होने वाली मृत्यु का कारण है धुम्रपान से निम्न रोगो को बढ वा मिलता है: हृदय घात एवं ब्रेन स्ट्रोक 2 से 4 गुना अधिक लंग कैसर में 25 गुना होना, महिलाओं में 25.7 गुना होता है 5 सिगरेट पीने वालो में हृदय संबंधी रोग अधिक व शीघ्र होते है। आई.एम.ए. एवं आई डी.ए. के पदाधिकारियों ने आमजन से अपील की कि वे स्वयं तंबाकू सेवन से दूर रहें तथा अपने परिवार एवं समाज को भी इसके दुष्प्रभावों के प्रति जागरूक करें, जिससे स्वस्थ, जागरूक एवं तंबाकू मुक्त समाज का निर्माण किया जा सके।