इंडियन सिल्क हाउस एजेंसीज़ ने शुभारंभ के साथ 69 स्टोर का आंकड़ा पार किया
हिंदुस्तान न्यूज़ एक्सप्रेस कानपुर | सिर्फ ‘साड़ियों के लिए मशहूर’ भारत के अग्रणी ब्राण्ड इंडियन सिल्क हाउस एजेंसीज़ ने कानपुर के ज़ैड स्क्वेयर मॉल में अपने नए आउटलेट की ओपनिंग के साथ 69 स्टोर का आंकड़ा पार कर लिया है, यह बारह महीनों में उत्तर प्रदेश में ब्राण्ड का पांचवां स्टोर है। गौरतलब है कि वर्तमान में ब्राण्ड 55 फीसदी सालाना की दर से विकसित होते हुए, हर दस दिनों में एक नया स्टोर खोल रहा है, ब्राण्ड ने वित्तीय वर्ष 27 तक स्टोर्स की संख्या को 100 तक तथा 2030 तक 500 तक पहुंचाने की योजनाएं बनाई हैं। कानपुर स्टोर के साथ इंडियन सिल्क हाउस एजेंसीज़ ने देश के रु 80,000 करोड़ के साड़ी मार्केट में अपने आप को और मजबूती से स्थापित कर लिया है। ब्राण्ड इस मार्केट में विस्तार करने वाला एकमात्र राष्ट्रीय और संगठित प्लेयर है, जिसका 95 फीसदी हिस्सा असंगठित रहा है और इसे एथनिक वियर का आखरी सेगमेन्ट कहा जा सकता है, जिसे औपचारिक रूप देना अभी बाकी है।कानपुर, इंडियन सिल्क हाउस एजेंसीज़ को भारत की सबसे ज़्यादा पसंद की जाने वाली बुनाई-बनारसी-के भौगोलिक केंद्र में स्थापित करता है। ब्रांड के एसकेयू बेस में बनारसी का योगदान सबसे अधिक है। स्टोर में बनारसी और कतन बनारसी के अलावा बंगाल से कांथा, बालूचरी, मटका और टसर; दक्षिण से कांजीवरम, कांचीपुरम और अरनी; तथा अन्य क्षेत्रों से इकत, बंधेज, पैठनी, गढ़वाल और उप्पाडा जैसे कलेक्शन भी उपलब्ध हैं, जिन्हें 60 से अधिक बुनाई केंद्रों में फैले 15,000 से अधिक कारीगरों के नेटवर्क द्वारा तैयार किया जाता है। 675 वर्ग फ़ीट में फैले इस स्टोर में 42 से अधिक डिज़ाइन पेश किए गए हैं, जिसमें रु 1800 की शुरुआती कीमत वाली कॉटन से लेकर सबसे महंगी ब्राइडल बनारसी तक शामिल हैं।लॉन्च के अवसर पर श्री दर्शन दुधोरिया, सीईओ, इंडियन सिल्क हाउस एजेंसीज़ ने कहा, ‘‘कानपुर का यह स्टोर पिछले बारह महीनों में यूपी में हमारा पांचवां स्टोर है। उत्तर प्रदेश बनारसी बुनाई का केन्द्र है, जो हमारे पोर्टफोलियो की सबसे बड़ी कैटेगरी है। हालांकि यह आज भी भारत के सबसे असंगठित साड़ी मार्केट्स में से एक बना हुआ है। हम यहां सिर्फ एक नया स्टोर खोलने नहीं जा रहे, बल्कि नेतृत्व की एक नई यात्रा की शुरूआत करने जा रहे हैं। हर दस दिनों में एक स्टोर की गति से आगे बढ़ते हुए हुए, हम वित्तीय वर्ष 27 में 100 स्टोर्स तथा 2030 तक 500 स्टोर्स का आंकड़ा पार करने की दिशा में अग्रसर हैं। इसमें भी खास बात यह है कि यूपी हमारे विकास के लिए तीन टॉप राज्यों में से एक है।
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