हाल -ए- हैलट: बेर्दद जमाने में अपना कोई नहीं, धरती के भगवान बने पत्थर
- 3 दिनों से इमरजेंसी के सामने फुटपाथ पर पड़े मरीज की किसी ने नहीं ली सुध
- प्राचार्य और प्रमुख अधीक्षक को सूचना देने के बाद भी मरीज नहीं हुआ भर्ती
हिंदुस्तान न्यूज़ एक्सप्रेस कानपुर। उत्तर प्रदेश सरकार स्वास्थ्य विभाग को हाईटेक करने में लगा हुआ है तो वही गरीब मरीजों को आज भी चिकित्सा मिलने में वही रुकावट आ रही है जो पिछले कई वर्षो से चली आ रही है। ब्रेन में दिक्कत होने के कारण और घर से निकाला गया एक 42 वर्षीय मरीज बीते 3 दिनों से अपने इलाज और किसी रहनुमा की बाट जोह रहा है, लेकिन संवेदनहीनता के कारण उसे कोई भी इलाज या सुविधा हैलट अस्पताल में नहीं मिल सकी। इससे डॉक्टरो की संवदनहीनता साफ तौर पर देखी जा सकती है।
आपको बता दे कि ओ ब्लॉक किदवई नगर निवासी गिरधारी लाल पुत्र बाबू लाल जोकि पिछले 3 दिनो से इमरजेंसी के सामने पडा हुआ है कि कोई उसे इलाज के लिए ले जायेगा। लेकिन अस्पताल प्रशासन ने किसी भी प्रकार का कोई भी ध्यान नही दिया। जबकि इस बावत पूर्व में प्राचार्य प्रो. डॉ संजय काला और प्रमुख अधीक्षक डॉ सौरभ अग्रवाल को भी सोशल मीडिया के माध्यम से सूचित किया गया,लेकिन प्रमुख अधीक्षक ने कोई भी कार्यवाही नही की। अब ऐसे में उस गरीब मरीज की कोई भी मदद नही मिल पा रही है। जब मीडिया ने हस्ताक्षेप किया तो इमरजेंसी के पीआरओ ने उसे तुंरत ही स्ट्रेचा मुहैया करा कर उसे भर्ती कराने के लिए मेडिसन विभाग भेजा ,लेकिन डॉक्टरो ने जब उसका हाल जाना तो एमआरआई करा कर लाने की बात कह उसे फिर से अस्पताल से बाहर का रास्ता दिखा दिया। इससे डॉक्टरो की संवेदनहीनता साफ तौर देखी जा सकती है। जब इस प्रकरण पर प्राचार्य , प्रमुख अधीक्षक और सीएमएस से बात करना चाहा तो सभी का मोबाइल फोन बंद मिला।
- परिजनो ने भी मारपीट कर घर से निकाला
पीड़ि़त मरीज गिरधारी लाल से जब उसके सडक पर आने का वाक्या जाना तो उसने बताया कि पैसो को लेकर परिजनों ने उसे मार पीट कर घर से बाहर निकाल दिया। अब ऐसे में न तो उसके पास खाने को रहा न सिर छिपाने को छत ही। अब ऐसे में वो सड़क पर पड़ा अपने इलाज के लिए लोगों से गुहार लगा रहा है। डॉक्टर ने एमआरआई लिखा,लेकिन पैसे न होने के कारण उसे भर्ती भी नही किया गया।