जवानों की साइबर सुरक्षा मजबूती की तैयारियों पर‘ साइबर सुरक्षा अभियान शुरू
हिंदुस्तान न्यूज़ एक्सप्रेस कानपुर | आईआईटी कानपुर के C3iHub ने रियलमी इंडिया के सहयोग से “साइबर सुरक्षा अभियान” का पहला बैच शुरू किया है। यह एक विशेष साइबर सुरक्षा और साइबर डिफेंस कार्यशाला है, जिसका उद्देश्य भारतीय सेना के जवानों में साइबर जागरूकता, साइबर सुरक्षा और डिजिटल सुरक्षा क्षमताओं को बढ़ाना है। यह दो दिवसीय कार्यशाला हाल ही में C3iHub, आईआईटी कानपुर में आयोजित की गई। इसमें कानपुर ब्रिगेड स्टेशन और कानपुर कैंटोनमेंट से भारतीय सेना के 47 प्रतिभागियों ने भाग लिया, जिनमें अधिकारी, जूनियर कमीशंड ऑफिसर (JCO) और जवान शामिल थे। साइबर सुरक्षा अभियान को बढ़ते साइबर खतरों और राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़ी चुनौतियों को ध्यान में रखते हुए तैयार किया गया है। इस प्रशिक्षण कार्यक्रम में प्रतिभागियों को साइबर खतरों की पहचान, उनसे बचाव और प्रतिक्रिया देने की जानकारी दी गई। कार्यशाला में व्यावहारिक प्रदर्शन, इंटरैक्टिव सत्र और आधुनिक साइबर सुरक्षा तकनीकों पर प्रशिक्षण दिया गया। कार्यशाला में साइबर हाइजीन, डिजिटल खतरों की जानकारी, साइबर अपराध के नए ट्रेंड, सुरक्षित डिजिटल उपयोग, साइबर घटना प्रबंधन और उभरते साइबर जोखिम जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर चर्चा की गई। यह कार्यक्रम रक्षा बलों, कानून प्रवर्तन एजेंसियों और सरकारी विभागों के कर्मचारियों के लिए भी उपयोगी है। इस अवसर पर C3iHub, आईआईटी कानपुर के प्रोग्राम डायरेक्टर प्रो. सोमित्र सनाध्य ने कहा, “साइबर सुरक्षा अभियान के माध्यम से हमारा उद्देश्य सेना और कानून प्रवर्तन एजेंसियों के कर्मियों को व्यावहारिक साइबर सुरक्षा कौशल प्रदान करना है, जिससे उनकी कार्य क्षमता और सुरक्षा मजबूत हो सके। यह अकादमिक संस्थानों, उद्योग और सशस्त्र बलों के बीच एक महत्वपूर्ण सहयोग है, जो साइबर सुरक्षित भारत बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम है। हम इस कार्यक्रम को आगे बढ़ाकर 1000 से अधिक कानून प्रवर्तन एजेंसियों के कर्मियों तक पहुंचाना चाहते हैं।”कार्यक्रम के समापन समारोह में सभी प्रतिभागियों को प्रमाण पत्र प्रदान किए गए। इस अवसर पर C3iHub की मुख्य कार्यकारी अधिकारी कर्नल बिनय राज, इलेक्ट्रॉनिक्स एवं मैकेनिकल इंजीनियर्स (EME), भारतीय सेना, डॉ. तनिमा हाजरा, मुख्य सुरक्षा अधिकारी डॉ. आनंद हांडा, मुख्य तकनीकी अधिकारी डॉ. रास, डिप्टी प्रोग्राम मैनेजर डॉ. पल्लवी, डिप्टी मैनेजर आदित्य सिंह गौर और राहुल शुक्ला उपस्थित रहे। सभी ने प्रतिभागियों को बधाई दी और निरंतर साइबर सुरक्षा प्रशिक्षण के महत्व पर जोर दिया साइबर सुरक्षा अभियान एक अनोखा उद्योग-अकादमिक-रक्षा सहयोग है, जिसमें आईआईटी कानपुर की रिसर्च क्षमता, रियलमी इंडिया का उद्योग सहयोग और भारतीय रक्षा बलों का अनुभव शामिल हैं। यह पहल उत्तर प्रदेश में कानून प्रवर्तन एजेंसियों और सरकारी विभागों के 1000 से अधिक कर्मियों को प्रशिक्षित करने के बड़े अभियान की शुरुआत है। इसका उद्देश्य जमीनी स्तर पर साइबर जागरूकता और व्यावहारिक साइबर सुरक्षा कौशल को बढ़ाकर भारत की राष्ट्रीय सुरक्षा को मजबूत करना है।
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