24 घंटे की भूख हड़ताल एवं अनशन का समापन -सार्वजनिक परिवहन में छात्र रियायत तथा रोजगार के प्रश्नों पर की गई चिंता व्यक्त
हिंदुस्तान न्यूज़ एक्सप्रेस कानपुर | स्टूडेंट्स फेडरेशन ऑफ इंडिया (एसएफआई), कानपुर जिला कमेटी द्वारा शिक्षा, रोजगार एवं छात्र अधिकारों से जुड़े सात सूत्रीय मांगों को लेकर राम आसरे भवन, कालपी रोड, कानपुर में आयोजित 24 घंटे की भूख हड़ताल एवं अनशन का समापन किया गया। नई दिल्ली के जंतर-मंतर पर चल रहे आंदोलन के समर्थन में आयोजित इस कार्यक्रम में बड़ी संख्या में छात्र-युवाओं, शिक्षकों, सामाजिक कार्यकर्ताओं एवं लोकतांत्रिक नागरिकों ने भाग लेकर शिक्षा के बढ़ते निजीकरण, प्रतियोगी परीक्षाओं में अनियमितताओं, आरटीई प्रवेश प्रक्रिया की समस्याओं, सरकारी विद्यालयों की स्थिति, सार्बजनिक परिवहन में छात्र रियायत तथा रोजगार के प्रश्नों पर चिंता व्यक्त की। वक्ताओं ने कहा कि शिक्षा, रोजगार और समान अवसर केवल नीतिगत विषय नहीं हैं, बल्कि लोकतांत्रिक समाज और संविधान में निहित समानता, न्याय एवं गरिमा के मूल्यों से जुड़े प्रश्न है। उन्होंने कहा कि छात्र-युवाओं की आवाज़ को गंभीरता से सुना जाना चाहिए तथा शिक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता, जवाबदेही और समान अवसर सुनिश्चित करने के लिए ठोस कदम उठाए जाने चाहिए। एसएफआई कानपुर ने अपनी सात सूत्रीय मांगों को दोहराते हुए आरटीई प्रवेश प्रक्रिया में पारदर्शिता, सरकारी विद्यालयों को सुदृढ़ करने, प्रत्येक जिले में महिला परीक्षा केंद्र स्थापित करने, विद्यार्थियों को मेट्रो एवं इलेक्ट्रिक बसों में 50 प्रतिशत किराया रियायत देने, प्रतियोगी परीक्षाओं में अनियमितताओं की जवाबदेही तय करने, प्रभावित छात्रों को न्याय दिलाने तथा परीक्षा प्रणाली में व्यापक सुधार की मांग दोहराई। कार्यक्रम के समापन अवसर पर संगठन के पदाधिकारियों ने कहा कि यह आंदोलन किसी एक दिन का कार्यक्रम नहीं, बल्कि छात्र अधिकारों, गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और सम्मानजनक रोजगार के लिए जारी लोकतांत्रिक संघर्ष का हिस्सा है। उन्होंने कहा कि यदि इन मूद्दों पर प्रभावी पहल नहीं की गई तो छात्र-युवाओं की आवाज़ को लोकतांत्रिक तरीकों से आगे भी बुलंद किया जाएगा। कार्यक्रम में महबूब आलम, मोहम्मद अल्ताफ, आराध्य बाजपेयी, वैष्णवी सक्सेना, मरियम जमील, अश्वनी मिश्रा, आदर्श कुमार, जुनैद मंसूरी, हसन अहमद तथा मोहम्मद अदनान सहित अनेक छात्र-युवा उपस्थित रहे। अंत में एसएफआई कानपुर जिला कमेटी ने आंदोलन को समर्थन देने वाले सभी छात्र-युवाओं, शिक्षकों, जनसंगठनों, मीडिया प्रतिनिधियों एवं नागरिकों के प्रति आभार व्यक्त किया और शिक्षा एवं छात्र अधिकारों की लड़ाई को आगे भी जारी रखने का संकल्प दोहराया।