पशुओं को संक्रामक रोग से बचाने के लिए पशुपालक अवश्य कराएं टीकाकरण : मुख्य पशुचिकित्साधिकारी
जिला संवाददाता सुनील कुमार धुरिया
हिंदुस्तान न्यूज़ एक्सप्रेस हमीरपुर। उत्तर प्रदेश शासन के पशुपालन विभाग द्वारा राष्ट्रीय पशु रोग नियंत्रण कार्यक्रम के अंतर्गत खुरपका-मुँहपका रोग की रोकथाम के लिए जनपद में टीकाकरण अभियान का आठवां चरण 22 जुलाई, 2026 से प्रारंभ किया जाएगा। यह अभियान आगामी 45 दिनों तक, 08 सितम्बर, 2026 तक संचालित रहेगा। अभियान को प्रभावी एवं शत-प्रतिशत सफल बनाने के लिए जनपद के सभी उप मुख्य पशुचिकित्साधिकारियों एवं पशु चिकित्साधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश जारी कर दिए गए हैं।
मुख्य पशुचिकित्साधिकारी डॉ. भूपेन्द्र सिंह यादव ने बताया कि अभियान सार्वजनिक अवकाशों को छोड़कर लगातार संचालित किया जाएगा। टीकाकरण के दौरान प्रत्येक पशु की अनिवार्य रूप से ईयर टैगिंग की जाएगी तथा पशुपालक, पशुधन एवं वैक्सीनेटर का विवरण जियो-टैग फोटो सहित उसी दिन भारत पशुधन ऐप पर अपलोड किया जाएगा। जिन पशुओं को पहली बार एफएमडी का टीका लगाया जाएगा, उन्हें एक माह बाद बूस्टर डोज भी दी जाएगी, जिससे रोग प्रतिरोधक क्षमता और अधिक प्रभावी हो सके।
उन्होंने बताया कि अभियान के प्रथम चरण में जनपद के सीमावर्ती विकास खण्डों एवं गांवों, बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों, गो-आश्रय स्थलों, विश्वविद्यालयों, महाविद्यालयों तथा राजकीय पशुधन प्रक्षेत्रों में प्राथमिकता के आधार पर शत-प्रतिशत टीकाकरण कराया जाएगा। वैक्सीन की गुणवत्ता बनाए रखने के लिए जिला एवं ब्लॉक स्तर पर 2 से 8 डिग्री सेल्सियस तापमान पर कोल्ड-चेन व्यवस्था सुनिश्चित की गई है तथा परिवहन के दौरान आइसजेल पैड एवं बर्फ का प्रयोग अनिवार्य रहेगा।
अभियान की गुणवत्ता का वैज्ञानिक मूल्यांकन करने के लिए चयनित गांवों में टीकाकरण से पूर्व (जीरो डे) एवं टीकाकरण के 30 दिन बाद रक्त के नमूने एकत्रित कर मथुरा, मेरठ एवं अयोध्या स्थित प्रयोगशालाओं में परीक्षण कराया जाएगा।
मुख्य पशुचिकित्साधिकारी ने जनपद के समस्त पशुपालकों एवं किसान भाइयों से अपील की है कि वे अपने पशुओं को खुरपका-मुँहपका जैसी संक्रामक एवं आर्थिक क्षति पहुंचाने वाली बीमारी से सुरक्षित रखने के लिए टीकाकरण दलों का पूर्ण सहयोग करें। उन्होंने बताया कि यह टीका पूर्णतः सुरक्षित एवं निःशुल्क है। टीकाकरण से पूर्व सचल पशु चिकित्सा वाहनों के पब्लिक एड्रेस सिस्टम के माध्यम से गांवों में पूर्व सूचना प्रसारित की जाएगी, ताकि पशुपालक समय पर अपने पशुओं को उपलब्ध कराकर उनका टीकाकरण सुनिश्चित करा सकें।
डॉ. भूपेन्द्र सिंह यादव ने कहा कि पशुधन की सुरक्षा, दुग्ध उत्पादन में वृद्धि तथा पशुपालकों की आय को सुरक्षित रखने के लिए यह अभियान अत्यंत महत्वपूर्ण है। उन्होंने सभी पशुपालकों से अधिक से अधिक संख्या में अपने पशुओं का टीकाकरण कराकर अभियान को सफल बनाने का आह्वान किया।