आषाढ़ी पूर्णिमा पर मां गंगा में डुबकी लगाकर मां अन्नपूर्णा (त्रिपुर सुंदरी) के दर्शन को उमड़ा हज़ारों का जनसैलाब
-कन्नौज जिले के तिर्वा नगर में स्थिति है मां अन्नपूर्णा (त्रिपुर सुंदरी) का भव्य मंदिर
-मान्यता है कि,यहां की मिट्टी ले जाने से लोगों के धनधान में होती है अपार वृद्धि
-कन्नौज में गंगा स्नान को उमड़ा जनसैलाब, लगाई डुबकी, जय गंगा मैया के लगाए जयकारे
ब्यूरो पवन श्रीवास्तव के साथ प्रिंस श्रीवास्तव
हिंदुस्तान न्यूज़ एक्सप्रेस कन्नौज।आषाढ़ी पूर्णिमा/गुरुपूर्णिमा पर कन्नौज के गंगा घाट सहित तिर्वा नगर के सिद्धपीठ मां अन्नपूर्णा (त्रिपुर सुंदरी) के दर्शन को हजारों की संख्या में जनसैलाब उमड़ पड़ा।जान महिला पुरुष और बच्चों ने गंगा मैया में आस्था की जयकारों के साथ डुबकी लगाई, वहीं मां अन्नपूर्णा के दर्शन और पूजन अर्चन कर सुख संवृद्धि की कमाना भी की।इस दौरान बड़ी संख्या में भक्तों के हुजूम ने मातारानी को अन्न का चढ़ावा भी चढ़ाया। मान्यता के अनुसार यहां की मिट्टी ले जाने से धन धान्य में अपार वृद्धि होती है, इसको लेकर श्रद्धालु यहां से माता के दरबार से मन्नतें मांग कर परिसर की मिट्टी भी अपने साथ ले गए।बताते चलें कि बुधवार को आषाढी पूर्णिमा के पर्व के चलते कन्नौज में फ्लड पीएसी की निगरानी में हजारों की संख्या में जनसैलाब ने मेंहदी घाट स्थित गंगा तट पर स्नान किया। पूजा अर्चना कर जय गंगा मैया, हर हर गंगे के नारों से आकाश गुंजायमान हो गया।बताते चलें कि, गंगा तट पर सुरक्षा व्यवस्था को लेकर जिला प्रशासन द्वारा चाक चौबंद व्यवस्था की गई थी।
गोताखोरों की टीमों के अलावा पुलिस बल और फ्लड पीएसी, ड्रोन कैमरे, बेरिकेटिंग आदि व्यवस्थाएं भी की गई थीं।यहां सुबह होते ही कानपुर देहात,औरैया, इटावा, मैनपुरी आदि जिलों के श्रद्धालुओं ने गंगा स्नान किया। आयोजित मेले में भी सैकड़ों श्रद्धालूओं ने जमकर खरीददारी की।मौके पर जिलाधिकारी आशुतोष मोहन अग्निहोत्री और पुलिस अधीक्षक विनोद कुमार भी शासन और प्रशासन के अधिकारियों और पुलिस बल के साथ निरीक्षण करते नजर आए। गंगा घाट आने वाले मार्ग पर कई बार जाम खुलवाने को भी पुलिस और यातायात पुलिस को कड़ी मशक्कत करनी पड़ी।इसी प्रकार तिर्वा नगर के मां अन्नपूर्णा मंदिर में मातारानी के दर्शन को भी प्रशासन ने सुरक्षा व्यवस्था कड़ी की थी। आने जाने वाले श्रद्धालूओं के आवागमन का द्वार अलग अलग था। जिससे श्रद्धालुओं ने यहां पहुंचकर मातारानी को अन्न, प्रसाद, फूल, का चढ़ावा चढ़ाकर और परिक्रमा कर दर्शन किए।
परिसर में आयोजित मेले में भी श्रद्धालुओं ने जमकर खरीददारी की।
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परिसर में आयोजित भंडारे में भी भक्तों ने प्रसाद का स्वाद चखा
कन्नौज।मां त्रिपुर सुंदरी अन्नपूर्णा के मंदिर को लेकर बताया जाता है कि, जिले के तिर्वा में स्थित प्राचीन सिद्धपीठ का निर्माण 16 वीं शताब्दी (1526 ई.)में तत्कालीन राजा ने कराया था। दक्षिण भारतीय वास्तुकला से निर्मित यह मंदिर अत्यंत भव्य है। यहां माता की मूर्ति के साथ श्रीयंत्र भी स्थापित है। मान्यता है कि यहां मंदिर परिसर की मिट्टी ले जाकर श्रद्धालु जब अपने खेतों में डालते हैं तो अन्न की कमी कभी नहीं होती।बताते चलें कि 16 वीं सदी में तिर्वा के राजा प्रीतम सिंह को देवी मां ने सपने में दर्शन दिए और स्थान के बारे में बताया। खुदाई करने पर मां अन्नपूर्णा की प्रतिमा मिली। जिसके बाद मंदिर की स्थापना हुई। मंदिर की वास्तुकला के बारे में पता चलता है कि, यह मंदिर दक्षिण भारतीय स्थापत्य शैली का अनूठा उदाहरण है। मंदिर के शिखर पर भव्य मूर्तियां हैं। मंदिर के गर्भगृह में मां अन्नपूर्णा की पूजा की जाती है। माता को सुख संबद्धि की देवी माना जाता है।अन्नपूर्णा शब्द दो शब्दों से बना है,अन्न(भोजन) पूर्णा (पूर्ण)। यूपी के सहारनपुर के शिवालिक क्षेत्र में मां शाकम्बरी के नाम से भी जानी जाती हैं।पुराणों के अनुसार जब भगवान शिव ने भोजन को केबल एक माया कहा था तो माता पार्वती ने अन्न का महत्व समझाने के लिए लुप्त होने का निर्णय लिया। उनके अदृश्य होने से जगत में हाहाकार मच गया। तब शिवजी ने पार्वती(अन्नपूर्णा) से क्षमा याचना की थी, और अन्न ग्रहण किया।काशी से संबंधित मान्यता है कि, जब काशी में अकाल पड़ा तो माता पार्वती ने अन्नपूर्णा रूप में प्रकट होकर लोगों को भोजन कराया था। भगवान विश्वनाथ ने उनसे काशीवासियों की सेवा के लिए काशी में ही रुकने का निवेदन किया।
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माता के इसी स्वरूप की छवि जिले के तिर्वा में विराजित है
कन्नौज ।भक्त माता को मानने के लिए काशी और तिर्वा में स्थित मंदिरों में अन्नपूर्णा का पाठ भी करते हैं।
बताया जाता है कि, सुख संवृद्धि की देवी मां अन्नपूर्णा पोषण की देवी और मां पार्वती का रूप हैं। अन्नपूर्णा जयंती पर यहां विशेष पूजन होता है। स्थानीय से लेकर यहां आसपास जिलों के श्रद्धालुओं के अलावा देश और विदेश के लोग भी भ्रमण पर आते रहते हैं।बुधवार को आषाढ़ माह की गुरु पूर्णिमा पर यहां बीते मंगलवार की रात से जनसैलाब माता के दर्शन को पहुंच चुका था, अगली सुबह से देर सायं तक यहां कन्नौज सहित आसपास के जिलों का जनसैलाब नजर आया। श्रद्धालूओं ने माता के दर्शन कर आशीर्वाद लिया और सुख संवृद्धि की कमाना की। डीएम और एसपी सहित जिले और स्थानीय अधिकारियों के अलावा पुलिस बल और पीएसी का भी पहरा सुरक्षा व्यवस्था की लेकर नजर आया।देर सायं दूरगामी क्षेत्रों से आने वाले श्रद्धालूओं माता के दरबार में अपनी उपस्थित दर्ज कराने के बाद जयकारे लगाते हुए अपने अपने गंतव्य को रवाना हो गए।