पूर्व विधायक के प्रतिष्ठान का पूर्व डिप्टी सीएम ने किया उद्घाटन- दिनेश शर्मा ने वंदे मातरम, परिवारवाद, नेताओं की सुरक्षा और रालोद पर सपा और कांग्रेस पर किए तीखे हमले
- कांग्रेस का वंदे मातरम को लेकर दो छंद न गाने का फैसला दुर्भाग्यपूर्ण:दिनेश
हिंदुस्तान न्यूज़ एक्सप्रेस कानपुर । पूर्व डिप्टी दिनेश शर्मा रविवार को गोविन्दनगर में पूर्व विधायक के प्रतिष्ठान उद्धघाटन कार्यक्रम में पहुंचे। पूर्व डिप्टी सीएम और राज्यसभा सांसद दिनेश शर्मा ने वंदे मातरम, परिवारवाद, नेताओं की सुरक्षा और जयंत चौधरी को लेकर समाजवादी पार्टी और कांग्रेस पर तीखे हमले किए। उन्होंने कांग्रेस के वंदे मातरम के दो छंद गाने के फैसले को दुर्भाग्यपूर्ण बताते हुए कहा कि कांग्रेस का इतिहास लिखा जाएगा तो वंदे मातरम के विरोध वाला अध्याय काले अक्षरों में लिखा जाएगा।पूर्व डिप्टी सीएम ने कहा कि आजादी से पहले कांग्रेस का इतिहास गौरवशाली था, लेकिन आजादी के बाद उसका स्वरूप बदल गया। कांग्रेस का वंदे मातरम को लेकर दो छंद गाने का फैसला दुर्भाग्यपूर्ण है। जिन्ना और मुस्लिम लीग ने कभी वंदे मातरम का विरोध किया था और अब कांग्रेस के नेता सोनिया गांधी, राहुल गांधी और मल्लिकार्जुन खड़गे इसका विरोध कर रहे हैं। शर्मा ने कहा कि कांग्रेस के इतिहास में वंदे मातरम का विरोध काले अक्षरों में लिखा जाएगा। अखिलेश यादव के भाजपा को लेकर दिए गए बयान पर दिनेश शर्मा ने कहा कि भाजपा का मतलब उनके लिए 'भारत जान से प्यारा' है। भाजपा सरकार पाकिस्तान के अंदर घुसकर जवाब देना जानती है। श्री शर्मा ने सर्जिकल स्ट्राइक, एयर स्ट्राइक और ऑपरेशन सिंदूर का जिक्र करते हुए कहा कि ये सभी भाजपा सरकार के दौरान हुए। उन्होंने आरोप लगाया कि समाजवादी पार्टी और कांग्रेस के कुछ बयानों को पाकिस्तान संयुक्त राष्ट्र में अपने समर्थन में इस्तेमाल करता है। अखिलेश के पांच सांसद के बयान पर दिनेश शर्मा ने कहा कि कांग्रेस और समाजवादी पार्टी परिवारवाद का अनूठा उदाहरण हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि दोनों दल परिवार से बाहर नहीं निकल पा रहे हैं और इसी वजह से तेजी से पतन की ओर बढ़ रहे हैं। उन्होंने विपक्षी नेताओं पर चुनाव के समय ही जनता के बीच सक्रिय होने का आरोप लगाते हुए इसे 'पॉलिटिकल टूरिज्म' बताया।उत्तर प्रदेश सरकार की ओर से नेताओं को बुलेटप्रूफ जैकेट उपलब्ध कराने के फैसले पर अखिलेश के बयान को लेकर दिनेश शर्मा ने कहा कि सुरक्षा का आकलन खतरे के आधार पर होता है, इसमें जाति या राजनीतिक दल नहीं देखा जाता। उन्होंने कहा कि मायावती, अखिलेश या किसी अन्य नेता की सुरक्षा आवश्यकता के अनुसार सरकार फैसला करती है। श्री शर्मा ने कहा कि जब बुलेटप्रूफ गाड़ी, कमांडो और सुरक्षा का पूरा इंतजाम लिया जा रहा है, तो सिर्फ बुलेटप्रूफ जैकेट को लेकर सवाल उठाना उन्हें उचित नहीं लगता। ऊन्होंने कहा कि चुनाव से पहले सरकार की जिम्मेदारी है कि जनता के साथ-साथ जनप्रतिनिधियों को भी सुरक्षा उपलब्ध कराई जाए। जयंत चौधरी को लेकर पूछे गए सवाल पर दिनेश शर्मा ने समाजवादी पार्टी पर तीखा हमला किया। उन्होंने कहा कि अगर जयंत चौधरी को 'चवन्नी' कहा जाता है तो यह सिर्फ जयंत चौधरी का नहीं, बल्कि पूरे जाट समाज का अपमान है। उन्होंने चौधरी चरण सिंह का जिक्र करते हुए कहा कि वे सिर्फ जाट नेता नहीं, बल्कि सर्वमान्य किसान नेता थे। जयंत चौधरी ऐसी राजनीतिक विरासत से आते हैं, जिसमें देशभक्ति और राष्ट्रभक्ति की परंपरा रही है। दिनेश शर्मा ने कहा कि जयंत चौधरी को 'चवन्नी से रुपया' बनाने जैसी बात कहना उचित नहीं है। उन्होंने सवाल उठाते हुए कहा कि जिस व्यक्ति को विरासत में इतनी बड़ी राजनीतिक और सामाजिक पहचान मिली हो, उसे किसी पार्टी की ओर से इस तरह की श्रेणी में रखना पूरे जाट समाज का अपमान है।