IAC-उत्तर प्रदेश चैप्टर UPCYTOCON 2026 का UPUMS, सैफई में सफल आयोजन।
- साइटोपैथोलॉजी के क्षेत्र में नवीनतम तकनीकों, शोध एवं व्यावहारिक प्रशिक्षण पर विशेषज्ञों ने साझा किए विचार
हिंदुस्तान न्यूज़ एक्सप्रेस सैफई, 31 अगस्त 2026। उत्तर प्रदेश आयुर्विज्ञान विश्वविद्यालय (UPUMS), सैफई के पैथोलॉजी विभाग के तत्वावधान में IAC-उत्तर प्रदेश चैप्टर UPCYTOCON 2026 का दो दिवसीय सम्मेलन एवं कार्यशाला 29 एवं 30 अगस्त 2026 को विश्वविद्यालय परिसर में शुभारंभ विश्वविद्यालय के माननीय कुलपति प्रो. (डॉ.) अजय सिंह के मार्गदर्शन में किया गया।
उद्घाटन समारोह में विश्वविद्यालय के प्रो-वाइस चांसलर प्रो. (डॉ.) रमाकांत यादव, डीन प्रो. (डॉ.) आदेश कुमार, रजिस्ट्रार दीपक वर्मा, वरिष्ठ चिकित्सा अधीक्षक डॉ. एस.पी. सिंह सहित इंडियन एकेडमी ऑफ साइटोलॉजिस्ट्स (IAC) के अध्यक्ष डॉ. राम नवल राव, सचिव डॉ. मधु कुमार, आयोजन अध्यक्ष डॉ. सीमा दयाल, आयोजन सचिव डॉ. रूपक अग्रवाल एवं सह-सचिव डॉ. संजीव कुमार सिंह उपस्थित रहे। सम्मेलन में विश्वविद्यालय के वरिष्ठ चिकित्सक, संकाय सदस्य, पैथोलॉजिस्ट, शोधकर्ता एवं विभिन्न संस्थानों से आए प्रतिभागियों ने सहभागिता की।
उद्घाटन सत्र में वक्ताओं ने साइटोपैथोलॉजी के क्षेत्र में हो रहे नवीनतम विकास, आधुनिक नैदानिक तकनीकों तथा चिकित्सा शिक्षा एवं अनुसंधान में वैज्ञानिक सम्मेलनों की भूमिका पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि इस प्रकार के अकादमिक आयोजन चिकित्सकों, शोधकर्ताओं एवं विद्यार्थियों को नवीनतम ज्ञान से परिचित कराने के साथ-साथ उनके व्यावहारिक एवं नैदानिक कौशल को विकसित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
सम्मेलन के दौरान पैथोलॉजी के क्षेत्र में दीर्घकालीन एवं उल्लेखनीय योगदान के लिए Lifetime Achievement Award से डॉ. धर्म पाल लोकवानी, डॉ. अतुल गुप्ता, डॉ. द्विजेंद्र नाथ एवं डॉ. प्रवेश कुमार बंसल को सम्मानित किया गया। यह सम्मान उनके दीर्घकालीन अकादमिक, चिकित्सकीय एवं वैज्ञानिक योगदान के प्रति सम्मान एवं कृतज्ञता का प्रतीक रहा।
सम्मेलन के प्रथम दिवस के वैज्ञानिक कार्यक्रम का प्रमुख आकर्षण डॉ पद्म कुमारी अग्रवाल व्याख्यान रहा, जिसे डॉ. नलिनी गुप्ता, प्रोफेसर, PGI चंडीगढ़ द्वारा प्रस्तुत किया गया। उन्होंने पैथोलॉजी एवं साइटोपैथोलॉजी के विभिन्न महत्वपूर्ण पहलुओं तथा आधुनिक नैदानिक दृष्टिकोण पर अपने विचार साझा किए। उनके व्याख्यान से प्रतिभागियों को विषय से संबंधित नवीनतम एवं उपयोगी वैज्ञानिक जानकारी प्राप्त हुई।
इस अवसर पर पैथोलॉजी विभाग की पूर्व विभागाध्यक्ष डॉ. पिंकी पाण्डेय एवं संकाय सदस्य डॉ. विनीत चतुर्वेदी की स्मृतियों को भी भावपूर्ण ढंग से याद किया गया। चिकित्सा शिक्षा एवं विभाग के प्रति उनके योगदान एवं समर्पण को स्मरण करते हुए उपस्थित चिकित्सकों एवं संकाय सदस्यों ने उन्हें श्रद्धापूर्वक नमन किया। यह भावुक क्षण सम्मेलन के महत्वपूर्ण एवं स्मरणीय अवसरों में से एक रहा।
प्रथम दिवस के वैज्ञानिक सत्रों में पैथोलॉजी एवं साइटोपैथोलॉजी से संबंधित विभिन्न महत्वपूर्ण विषयों पर विशेषज्ञों द्वारा व्याख्यान प्रस्तुत किए गए। इसके साथ ही मौखिक प्रस्तुति एवं चित्रात्मक प्रस्तुति के माध्यम से प्रतिभागियों ने अपने शोध कार्य एवं वैज्ञानिक अनुभव साझा किए। विशेषज्ञों ने प्रस्तुत शोध कार्यों पर उपयोगी सुझाव एवं मार्गदर्शन प्रदान किया।
सम्मेलन के द्वितीय दिवस में साइटोपैथोलॉजी पर केंद्रित हैंडस् ऑन कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यशाला में प्रतिभागियों को विशेषज्ञों के मार्गदर्शन में विभिन्न तकनीकों एवं प्रक्रियाओं का व्यावहारिक प्रशिक्षण प्रदान किया गया। इसका उद्देश्य प्रतिभागियों को सैद्धांतिक ज्ञान के साथ-साथ व्यावहारिक दक्षता से भी समृद्ध करना रहा।
UPCYTOCON 2026 ने पैथोलॉजी एवं साइटोपैथोलॉजी के क्षेत्र में ज्ञान, शोध, आधुनिक नैदानिक तकनीकों एवं व्यावहारिक प्रशिक्षण के समन्वय के लिए एक महत्वपूर्ण अकादमिक मंच प्रदान किया। सम्मेलन के माध्यम से नवीनतम वैज्ञानिक जानकारी एवं अनुभवों के आदान-प्रदान को बढ़ावा मिला तथा चिकित्सकों, शोधकर्ताओं एवं विद्यार्थियों के बीच अकादमिक संवाद को और अधिक सुदृढ़ करने में योगदान मिला।