कार्यवाहक एआरटीओ ने संभाला प्रशासन का कार्यभार
हिंदुस्तान न्यूज़ एक्सप्रेस कानपुर। शासन की बड़ी कार्यवाही के बाद एआरटीओ प्रशासन आलोक कुमार सिंह और एआरटीओ प्रवर्तन तृतीय दल सोमलता यादव को बुधवार को निलंबित कर दिया गया था। गुरुवार को एआरटीओ प्रवर्तन कहकशा खातून को कार्यवाहक एआरटीओ प्रशासन बनाया गया है। उन्होंने कार्यभार ग्रहण करते ही विभाग के सारथी भवन व कार्यालय परिसर का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने मातहत कर्मचारियों को निर्देशित किया कि किसी भी आवेदक को कार्यालय के चक्कर नहीं लगवाए जाएंगे। जो भी कार्य आवेदक का किया जायेगा उसकी पूरी जानकारी देते हुए काम पूरा होने पर उन्हें दूरभाष द्वारा सूचित करेंगे जिससे उनका समय बचेगा और विभाग के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे।बीते 24 अगस्त को पुलिस और जिला प्रशासन की कार्यवाही ने अपना असर दिखाया और विभाग की कारगुजारियों की रिपोर्ट तैयार कर जिलाधिकारी के माध्यम से शासन को भेजी गई। शासन ने मामले में गंभीरता दिखाते हुए एआरटीओ प्रशासन व प्रवर्तन को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया। इस बड़ी कार्यवाही से विभाग में आफरा तफरी के साथ ही हड़कम मचा हुआ है। बाबू कमरे का दरवाजा अंदर से बंद कर काम कर रहे है ताकि किसी बाहरी अनाधिकृत व्यक्ति का प्रवेश न हो सके। इस पूरे मामले को लेकर पूरे आरटीओ विभाग में सन्नाटा पसरा हुआ है। सारथी भवन के साथ प्रशासनिक कार्यालय में भी इक्का दुक्का आवेदक ही दिखाई पड़े। - आवेदकों की समस्या का जल्द समाधान करने का दावाकानपुर मंडल आरटीओ प्रवर्तन राहुल श्रीवास्तव ने आवेदकों की समस्याओं का जल्द समाधान करने दावा किया है। इसके लिए उन्होंने कार्यवाहक एआरटीओ प्रशासन कहकशा खातून को निर्देशित किया कि एक बाबू को नियुक्त किया जाए और उन्हें एक आगंतुक रजिस्टर उपलब्ध कराया जाए। उन्होंने कहा कि रजिस्टर में आवेदक की समस्या, उनका नाम,पता और मोबाइल नंबर दर्ज कर उन्हें निश्चित समयावधि में कार्य कर उन्हें दूरभाष से सूचित किया जाए ताकि आवेदकों को विभाग के चक्कर न लगाना पड़े। हालांकि पूर्व में हेल्प डेस्क बनाया गया था, लेकिन कुछ दिनों बाद हालात जस के तस हो गए थे। अब नया निर्देश किया प्रभावी होगा ये आने वाले कुछ दिनों में जमीनी स्तर पर पता चल जायेगा। निरीक्षण के दौरान पीटीओ दीपक सिंह व आरआई संतोष कुमार मौजूद रहे। - एटीएस सेंटर की भी होनी चाहिए जांचजब से कमर्शियल वाहनों की फिटनेस एटीएस (ऑटोमैटिक टेस्टिंग स्टेशन) निजी हाथों में गई है। तब से उनकी पौ बारह हो गई है। सूत्रों के अनुसार एटीएस फिटनेस सेंटर पर वाहन स्वामियों से सरकारी फीस के अलावा 5000 से 9000 तक की अवैध वसूली दलालों और फिटनेस सेंटर के कर्मचारियों द्वारा सांठगांठ कर धड़ल्ले से की जा रही है। इसे साथ ही गाड़ी धुलाई और रेडियम का अतिरिक्त पैसा भी लिया जा रहा है। अगर सेंटर की जांच की जाए तो काफी बड़ा खेल का खुलासा हो सकता है कि तरह से निजी कंपनी दलालो से सांठगांठ कर उगाही में लगी हुई है।
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