ई रिक्शा चालक कर रहे मासूमों के जीवन से खिलवाड़
-कोतवाली पुलिस, यातायात पुलिस और शिक्षा विभाग बना मूकदर्शक
जिला संवाददाता सुनील कुमार धुरिया
हिंदुस्तान न्यूज़ एक्सप्रेस मौदहा,हमीरपुर l बाइक में तीन सवारियां या बिना हेल्मेट के चालान करने वाली पुलिस और यातायात पुलिस को हर दिन क्षमता से अधिक बच्चों को भूसे की तरह भरकर ले जाने वाले ई रिक्शा नजर नहीं आते हैं, जबकि हादसा होने के बाद शिक्षा विभाग के जिम्मेदार सरकारी अस्पताल सांत्वना देने पहुंच जाते हैं। सोमवार को एक वीडियो सोशल मीडिया में जमकर वायरल हुआ जिसमे एक ई रिक्शा में तेरह स्कूली छात्र बैठ कर नेशनल हाईवे से कस्बे के किसी निजी स्कूल जाते दिखाई दे रहे हैं। वायरल वीडियो की पडताल करने पर पता चला कि उक्त छात्रों को बिंवार थाना क्षेत्र के ग्राम मुटनी से मौदहा लेकर ई रिक्शा आ रहा था।यहाँ सोचने की बात यह है कि, बडे चौराहे पर यातायात पुलिस और कोतवाली पुलिस के जवान लगातार चौबीस घंटे ड्यूटी पर तैनात रहते हैं लेकिन उनकी नजर नहीं पडती या उनकी ड्यूटी सिर्फ बाईक में तीन सवारी और बिना हेल्मेट के चालान करने तक सीमित है। इतना जरूर है कि जब हादसा हो जाता है तो पुलिस और शिक्षा विभाग के जिम्मेदार बेहतर उपचार का भरोसा दिलाने और सांत्वना देने अस्पताल पहुंच जाते हैं। फिलहाल पुलिस, यातायात पुलिस और शिक्षा विभाग के जिम्मेदारों की कोई प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।