आईआईटी कानपुर का नया वाधवानी इनोवेशन सेंटर निभाएगा अहम भूमिका
हिंदुस्तान न्यूज़ एक्सप्रेस कानपुर | भारत में होने वाली रिसर्च का केवल 1–2प्रतिशत हिस्सा ही बाजार तक पहुंच पाता है। इस अंतर को कम करने के लिए वाधवानी-आईआईटी कानपुर इनोवेशन सेंटर इन लाइफ साइंसेज एंड मेडटेक की आज शुरुआत की गई। अगले पांच वर्षों में 50 लाख अमेरिकी डॉलर तक की फंडिंग के साथ यह सेंटर लाइफ साइंसेज, बायोटेक्नोलॉजी, मेडटेक और एआई आधारित हेल्थकेयर के क्षेत्र में होने वाली महत्वपूर्ण रिसर्च को लैब से बाजार तक पहुंचाने में मदद करेगा। सेंटर का उद्घाटन डॉ. उपेंद्र कुमार सिंह, महानिदेशक, सोल्जर सपोर्ट सिस्टम, रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन (डीआरडीओ), नई दिल्ली ने किया। वाधवानी इनोवेशन नेटवर्क के मैनेजिंग डायरेक्टर डॉ. शिरशेंदु मुखर्जी ने कहा, "भारत में बेहतरीन और नई वैज्ञानिक रिसर्च की कोई कमी नहीं है। जरूरत इस बात की है कि इस रिसर्च को लैब से बाजार तक पहुंचाने के लिए बेहतर व्यवस्था तैयार की जाए। विन के जरिए हम शोधकर्ताओं को जरूरी विशेषज्ञता, इंडस्ट्री पार्टनर्स, फंडिंग और बाजार तक पहुंचाने में मदद कर रहे हैं। वाधवानी-आईआईटी कानपुर इनोवेशन सेंटर, लाइफ साइंसेज देशभर में इस तरह की क्षमता को बड़े स्तर पर विकसित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।"आईआईटी कानपुर के निदेशक प्रो. मनींद्र अग्रवाल ने कहा, "आईआईटी कानपुर में रीजनरेटिव मेडिसिन, मॉलिक्यूलर मेडिसिन और जीन थेरेपी, न्यूरोसाइंस और बायोइंजीनियरिंग जैसे क्षेत्रों में मजबूत बायोमेडिकल रिसर्च का आधार है। इसके साथ ही संस्थान के पास आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और इंटेलिजेंट सिस्टम्स के क्षेत्र में भी विशेषज्ञता है। वाधवानी-आईआईटी कानपुर इनोवेशन सेंटर इस अत्याधुनिक रिसर्च को वास्तविक उत्पादों में बदलने की प्रक्रिया को तेज करने में मदद करेगा। इसके लिए टेक्नोलॉजी डेवलपमेंट, उद्यमिता और टेक्नोलॉजी ट्रांसफर के साथ बाजार तक पहुंच बनाने पर काम किया जाएगा। हमें उम्मीद है कि यह सेंटर अलग-अलग क्षेत्रों के विशेषज्ञों को साथ लाकर रिसर्च को लोगों के लिए उपयोगी बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।" विन-सीओई, आईआईटी कानपुर के प्रोफेसर इन चार्ज प्रो. अशोक कुमार और को-प्रोफेसर इन चार्ज प्रो. संतोष मिश्रा ने कहा, "विन-सीओई, वैज्ञानिकों, इंजीनियरों और डॉक्टरों के बीच सहयोग को मजबूत करेगा, ताकि रिसर्च का फायदा वास्तविक दुनिया तक पहुंच सके।
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