900 माध्यमिक विद्यालय शिक्षकों तक डिजिटल कौशल कार्यक्रम का किया विस्तार
हिंदुस्तान न्यूज़ एक्सप्रेस कानपुर | भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान कानपुर (आईआईटी कानपुर) ने उत्तर प्रदेश सरकार और राज्य शैक्षिक अनुसंधान एवं प्रशिक्षण परिषद (एससीईआरटी) के सहयोग से अपने शिक्षकों के लिए डिजिटल साक्षरता एवं कम्प्यूटेशनल थिंकिंग अवधारणाएं (डीएलसीसीएआई) कार्यक्रम का विस्तार माध्यमिक शिक्षा के क्षेत्र में किया है। इस कार्यक्रम के अंतर्गत 900 प्रतिभागियों को डिजिटल साक्षरता, कंप्यूटेशनल थिंकिंग, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) और तकनीक-सक्षम शिक्षण के क्षेत्र में प्रशिक्षण दिया जाएगा। इनमें माध्यमिक विद्यालयों के शिक्षक, जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थानों (डाइट) के प्रवक्ता तथा एससीईआरटी की संबद्ध इकाइयों के अधिकारी शामिल हैं। यह कार्यक्रम आईआईटी कानपुर के आउटरीच कार्यालय और डिजाइन विभाग द्वारा उत्तर प्रदेश सरकार के राज्य शैक्षिक अनुसंधान एवं प्रशिक्षण परिषद के सहयोग से संचालित किया जा रहा है। प्रो. रामकुमार जे., यांत्रिक अभियांत्रिकी एवं डिजाइन विभाग, आईआईटी कानपुर, डीएलसीसीएआई कार्यक्रम के समन्वयक हैं। प्रो. सत्यकी राय, प्रमुख, डिजाइन विभाग, आईआईटी कानपुर, कार्यक्रम के शैक्षणिक प्रमुख हैं। वहीं, प्रो. विमल कुमार, प्रभारी प्रोफेसर, आउटरीच गतिविधियां कार्यालय, आईआईटी कानपुर, आउटरीच कार्यालय की ओर से कार्यक्रम की देखरेख कर रहे हैं। कार्यक्रम आठ सप्ताह के मिश्रित शिक्षण प्रारूप में आयोजित किया जाएगा, जिसमें आईआईटी कानपुर में कक्षा आधारित प्रशिक्षण के साथ ऑनलाइन शिक्षण, मार्गदर्शन और व्यावहारिक कार्य शामिल होंगे। आवश्यक प्रश्नोत्तरी, कार्य, परियोजनाएं और अंतिम समेकित परियोजना प्रस्तुति पूरी करने वाले प्रतिभागियों को राज्य शैक्षिक अनुसंधान एवं प्रशिक्षण परिषद, उत्तर प्रदेश और आईआईटी कानपुर की ओर से संयुक्त प्रमाण-पत्र प्रदान किया जाएगा।
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