प्रदेश में सात सूत्रीय मांगों को लेकर वकीलों का ऐलान, हर बुधवार हड़ताल
हिंदुस्तान न्यूज़ एक्सप्रेस कानपुर | अधिवक्ताओं की सात सूत्रीय मांगों को लेकर प्रदेशभर में बुधवार को हड़ताल का ऐलान किया गया। इसी क्रम में बुधवार को कानपुर कचहरी में अधिवक्ताओं ने न्यायिक कार्य से विरत रहते हुए विरोध प्रदर्शन किया। अधिवक्ताओं ने नारेबाजी करते हुए कचहरी का कामकाज बंद कराया। हड़ताल के चलते न्यायिक कार्य प्रभावित रहा और बड़ी संख्या में वादकारियों को परेशानी का सामना करना पड़ा। कानपुर बार एसोसिएशन एवं दि लायर्स एसोसिएशन के संयुक्त तत्वावधान में 10 और 11 सितंबर को प्रांतीय अधिवक्ता सम्मेलन आयोजित किया गया था। सम्मेलन में प्रदेश के विभिन्न जिलों से बड़ी संख्या में अधिवक्ताओं ने हिस्सा लिया। इस दौरान बार संघों के पदाधिकारियों ने अधिवक्ताओं की समस्याओं और मांगों को लेकर अपने विचार रखे। सम्मेलन में अधिवक्ताओं की सात सूत्रीय मांगों पर विस्तार से चर्चा की गई। इनमें हड़ताल न करने की अंडरटेकिंग लिए जाने के दबाव को समाप्त करना, एडवोकेट प्रोटेक्शन एक्ट लागू करना तथा वरिष्ठ अधिवक्ताओं के लिए पेंशन योजना लागू करना प्रमुख मांगों में शामिल हैं।सम्मेलन में सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया कि जब तक मांगों पर ठोस कार्रवाई नहीं होती, तब तक प्रदेश की सभी कचहरियों में प्रत्येक बुधवार को अधिवक्ता हड़ताल पर रहेंगे। इसी निर्णय के तहत बुधवार को कानपुर कचहरी में भी अधिवक्ताओं ने सामूहिक रूप से न्यायिक कार्य से विरत रहकर विरोध दर्ज कराया। कचहरी परिसर में बार एसोसिएशन की ओर से ब्लैक बोर्ड पर हड़ताल से संबंधित सूचना चस्पा की गई। अधिवक्ताओं ने अपनी मांगों के समर्थन में नारेबाजी की और कहा कि मांगों को लेकर आंदोलन आगे भी जारी रहेगा। हड़ताल के कारण मुकदमों की सुनवाई और अन्य न्यायिक कार्य प्रभावित रहे। कचहरी पहुंचे कई वादकारियों को तारीख लेकर वापस लौटना पड़ा। अधिवक्ताओं ने मांगें पूरी होने तक प्रत्येक बुधवार को इसी तरह विरोध जारी रखने की बात कही।
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