वर्गीकृत वीर्य स्ट्रॉ के उपयोग हेतु एक दिवसीय प्रशिक्षण/अभिमुखीकरण कार्यक्रम का आयोजन
हिंदुस्तान न्यूज़ एक्सप्रेस कानपुर नगर।पशुपालन विभाग, उत्तर प्रदेश द्वारा पशुपालकों को उन्नत प्रजनन तकनीक का लाभ उपलब्ध कराने के उद्देश्य से वर्गीकृत वीर्य स्ट्रॉ (Sex Sorted Semen) के उपयोग को बढ़ावा देने हेतु आज विकास भवन, कानपुर नगर के सभागार में एक दिवसीय प्रशिक्षण एवं अभिमुखीकरण कार्यक्रम का आयोजन किया गया।
कार्यक्रम का सुभारंभ डा० विजयवीर चन्द्रयाल अपर निदेशक ग्रेड-2 कानपुर मण्डल कानपुर द्वारा दीप प्रज्वलयत करके किया गया। कार्यक्रम में कानपुर मंडल के समस्त मुख्य पशु चिकित्साधिकारी, उप मुख्य पशुचिकित्साधिकारी, विकास खण्ड स्तरीय पशु चिकित्साधिकारी तथा पशुधन प्रसार अधिकारियों द्वारा प्रतिभाग किया गया। प्रशिक्षण के दौरान वर्गीकृत वीर्य स्ट्रों के उपयोग, कृत्रिम गर्भाधान की प्रक्रिया, संबंधित तकनीकि सावधानियाँ तथा क्षेत्र में इस के प्रभावी क्रियान्वयन के संबंध मे आवश्यक जानकारी उ०प्र० पशुधन विकास परिषद, लखनऊ से आए डा० आलोक कुमार यादव, परियोजना समन्वयक एवं डा० सागर सारस्वत द्वारा वर्गीकृत वीर्य के उपयोग सम्बन्धी मानक संचालन प्रक्रिया तथा इससे होने वाले लाभों के बारे में जानकारी प्रदान की गयी।
डा० अनुराग सिंह मुख्य पशु चिकित्साधिकारी, कानपुर नगर द्वारा बताया गया कि प्रशिक्षण का उद्देश्य विभागीय अधिकारियों एवं मैदानी कार्मिकों को आवश्यक तकनीकी जानकारी प्रदान कर कृत्रिम गर्भाधान कार्यक्रम को अधिक प्रभावी ढंग से संचालित करना है, जिससे पशुपालकों तक विभागीय प्रजनन संबंधी सेवाओं का बेहतर लाम पहुंचाया जा सके।
वर्गीकृत वीर्य का उपयोग से मुख्यतः मादा संतति उत्पन्न होती है, जिससे गायों के दूध का उत्पादन में वृद्धि होने के साथ-साथ नर वत्सों की उत्पत्ति पर नियंत्रण प्रभावी रूप से संभव हो पाता है तथा भविष्य में नर गोवंशों की संख्या पर रोक लगाने में मदद मिलेगी। वर्गीकृत वीर्य के प्रयोग से लगभग 90 प्रतिशत मादा बछिया उत्पन्न होती है जिससे प्रदेश के दुग्ध उत्पादन में वृद्धि होगी।
प्रशिक्षण कार्यक्रम में कानपुर मण्डल के जनपद औरया, कानपुर देहात, कन्नौज, फर्रुखाबाद तथा इटावा से आये हुये पशु चिकित्साधिकारी, पशुधन प्रसार अधिकारियों सहित उप मुख्य पशु चिकित्साधिकारियों ने प्रतिभाग किया तथा तकनीकि सत्र में प्रश्न-उत्तर कार्यक्रम में अपनी शंकाओं का समाधान भी किया गया।
डा० राजेश राजपूत उप मुख्य पशु चिकित्साधिकरी (चिकित्सां स्वास्थ्य) कानपुर नगर, ने विभागीय योजनाओं की जानकारी देते हुए बताया कि "सेवा संकल्प अभियान" के तहत कानपुर नगर में प्रत्येक विकास खण्ड स्तर पर प्रतिदिन चिकित्सा शिविरों का आयोजन कर पशुपालकों के द्वार पर विभागीय कार्यों एवं योजनाओं से उनको लाभांवित किया जा रहा है एवं पशुपालकों को वर्गीकृत वीर्य के उपयोग को बढ़ावा देने हेतु जागरूक किया जा रहा है।
कार्यक्रम में प्रशिक्षित कार्मिकों को गास्टर ट्रेनर के रूप में अपने-अपने क्षेत्र में संबंधित पशु चिकित्साधिकारियों एवं पशुधन प्रसार अधिकारियों को प्रशिक्षण प्रदान करने हेतु भी निर्देशित किया गया, ताकि प्रशिक्षण की जानकारी जनपद के ग्रामीण एवं गैदानी स्तर तक पहुंचाई जा सके।
पशुपालन विभाग द्वारा पशुपालकों से अपील की गई कि वे अपने पशुओं में कृत्रिम गर्भाधान एवं अन्य प्रजनन संबंधी सेवाओं के लिए विभागीय पशु चिकित्सालयों एवं अधिकृत पशु चिकित्सा कर्मियों से संपर्क करें तथा उपलब्ध उन्नत प्रजनन तकनीकों का लाभ उठाएं।