14 साल की किशोरी को मिली नई जिंदगी,मेडिकल कॉलेज में सफल सर्जरी
-मामला कन्नौज जिले के तिर्वा स्थित मेडिकल कॉलेज में किशोरी के अंडाशय में गांठ के सफल ऑपरेशन का
कन्नौज ब्यूरो पवन श्रीवास्तव के साथ संदीप शर्मा
हिंदुस्तान न्यूज एक्सप्रेस कन्नौज संवाददाता।दर्द की तड़प और बेचैनी से जूझ रही एक 14 वर्षीय किशोरी को आखिर तिर्वा मेडिकल कॉलेज में जटिल सर्जरी के बाद जिंदगी जीने की राह मिल ही गई। किशोरी के अंडाशय से डाक्टरों की टीम ने एक बड़ी गांठ का सफल ऑपरेशन करने में सफतला पाई है।जानकारी के मुताबिक, जिले के थाना सौंरिख के एक गांव निवासी 14 वर्षीय अंशिता पाल बीते लंबे समय से अपने पेट दर्द के कारण असहनीय दर्द और बेचैनी से जूझ रही थी। किशोरी के परिजनों द्वारा समस्या से निजात पाने को कई चिकित्सकों और हॉस्पिटल्स में भी उसको दिखाया गया लेकिन समस्या का कोई हल नहीं निकल सका।जिंदगी जीने की राह तलाश रही किशोरी और उसके परिजनों को आखिर ईश्वर का ही मानो सहारा रह गया था।इसी दौरान परिजनों को तिर्वा मेडिकल कॉलेज की स्त्री एवं प्रसूति विभाग और सर्जरी टीम की जानकारी हुई। आखिर किशोरी का जीवन बचाने को एक उम्मीद की किरण प्रतीत होते देख परिजनों ने मेडिकल कॉलेज में संबंधित डाक्टरों से संपर्क किया।बिगत दिन किशोरी को मेडिकल कॉलेज लाया गया।स्त्री एवं प्रसूति विभाग की विभागाध्यक्ष डा. सपना सिंह और उनकी टीम ने किशोरी को देखा और चेक किया।किशोरी के किए गए अल्ट्रासाउंड में एक बड़ी गांठ नजर आई। इसके बाद किशोरी की आवश्यक जांचों को कराया गया। आखिर किशोरी को भर्ती किया गया।मंगलवार को विभागाध्यक्ष डा.सपना और उनकी टीम के डा.शिखा भारती,एनेस्थीसिया विभाग के डा. प्रमोद कुमार, सहित सर्जरी टीम ने किशोरी के जटिल सर्जरी (ऑपरेशन) करने की तैयारी शुरू की।मंगलवार को किशोरी का सफल ऑपरेशन का कार्य आखिर पूरा किया गया।ऑपरेशन के दौरान किशोरी के अंडाशय से 20/20 से.मी. की बड़ी गांठ निकाली गई।आखिर दर्द से तड़पती और जिंदगी जीने की राह तलाशती किशोरी को मेडिकल कॉलेज में अपने सफल जीवन जीने की राह मिल ही गई।किशोरी के सफल ऑपरेशन की जानकारी जब परिजनों को हुई तो उनकी खुशी का ठिकाना नहीं रहा। परिजन डाक्टरों की टीम को बधाई और दुआएं देने से थकते नजर नहीं आ रहे थे।फिलहाल जहां किशोरी अभी चिकित्सकीय टीम की निगरानी में है, वहीं उपरोक्त मामले में विभागाध्यक्ष डा. सपना सिंह ने बताया कि, इस तरह की गांठें हार्मोंस की कमी या वंशानुगत कारणों से हो सकती हैं। लंबे समय से किशोरी के पेट में दर्द होना और जांच में अंडाशय में गांठ का पता चलने के बाद उसकी सफल सर्जरी से अब स्थित बेहतर है।उपरोक्त ऑपरेशन प्रक्रिया में गायनी विभागाध्यक्ष के अलावा डा.रश्मि सहित विभागीय टीम के चिकित्सक मौजूद रहे।मेडिकल कॉलेज में सफल ऑपरेशन की जानकारी पर कॉलेज के प्राचार्य डा. पुष्पेंद्र सिंह, सीएमएस डा. दिलीप सिंह, सर्जरी विभाग के सच्चिदानंद मिश्रा, आदि ने संबंधित मेडिकल टीम को बधाई और शुभकामनाएं दी हैं।