अस्पताल आपदा प्रबंधन योजना के तहत कराया माॅक ड्रिल, दिया अग्नि सुरक्षा प्रशिक्षण |
हिंदुस्तान न्यूज़ एक्सप्रेस कानपुर | जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण कानपुर नगर और भारतीय रेड क्रॉस सोसायटी स्टेट आपदा सेल द्वारा अस्पताल में अस्पताल आपदा प्रबंधन योजना के अंतर्गत केपीएम अस्पताल बिरहाना रोड में मरीजों और स्टाफ की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए एक विस्तृत अग्नि सुरक्षा प्रशिक्षण और मॉक ड्रिल का सफल आयोजन किया गया ।प्रशिक्षण लखन कुमार शुक्ला मुख्य प्रशिक्षक आपदा प्रबंधन एवं भारतीय रेड क्रॉस सोसायटी स्टेट आपदा सेल सदस्य और एफएसओ लाटुश रोड केलाश चंद्र ने दिया इस विशेष अभ्यास का मुख्य उद्देश्य अस्पताल परिसर में अचानक आग लगने जैसी आपातकालीन स्थिति से निपटने के लिए तैयारियों को परखना और स्वास्थ्य कर्मियों को त्वरित प्रतिक्रिया के लिए प्रशिक्षित करना था।
मॉक ड्रिल की शुरुआत अस्पताल के पेइंग वार्ड में शॉर्ट सर्किट से आग लगने की कृत्रिम स्थिति (सिम्युलेशन) बनाकर की गई। आग की सूचना मिलते ही अस्पताल के सुरक्षा तंत्र ने तुरंत 'कोड रेड' (Code Red) घोषित किया। इसके बाद आपदा प्रबंधन योजना के अनुसार विभिन्न टीमों को सक्रिय किया गया, जिसमें फायर फाइटिंग टीम, इवैकुएशन (निकासी) टीम और फर्स्ट एड टीम शामिल थीं। के सहयोग से आयोजित इस ड्रिल में अस्पताल के डॉक्टरों, नर्सिंग स्टाफ, सुरक्षा गार्डों और प्रशासनिक कर्मचारियों ने सक्रिय रूप से भाग लिया। अभ्यास के दौरान धुएं से घिरे क्षेत्र से मरीजों (कृत्रिम मरीजों) को सुरक्षित और योजनाबद्ध तरीके से बाहर निकालने, स्ट्रेचर और व्हीलचेयर के सही उपयोग, और आपातकालीन निकास मार्गों के प्रबंधन का व्यावहारिक प्रदर्शन किया गया।
इसके साथ ही, लखन कुमार शुक्ला मुख्य प्रशिक्षक आपदा प्रबंधन एवं भारतीय रेड क्रॉस सोसायटी स्टेट आपदा सेल सदस्य और एफएसओ लाटुश रोड केलाश चंद्र द्वारा अस्पताल के डॉक्टर और कर्मचारियों को विभिन्न प्रकार के अग्निशामक यंत्रों (Fire Extinguishers) को चलाने का लाइव प्रशिक्षण दिया गया और 'पास' (PASS - Pull, Aim, Squeeze, Sweep) तकनीक के बारे में विस्तार से समझाया गया।
अस्पताल के चिकित्सा अधीक्षक डॉ. सुधीर कुमार शर्मा ने इस अवसर पर कहा कि अस्पताल जैसी संवेदनशील जगहों पर जहां गंभीर मरीज भर्ती होते हैं, वहां आपदा प्रबंधन और त्वरित प्रतिक्रिया बेहद महत्वपूर्ण है। उन्होंने बताया कि यह मॉक ड्रिल हमारी सुरक्षा प्रणालियों को परखने और स्टाफ के आत्मविश्वास को बढ़ाने के लिए नियमित अंतराल पर आयोजित की जाती है, ताकि किसी भी वास्तविक संकट के समय जान-माल के नुकसान को पूरी तरह रोका जा सके। इस अवसर पर डॉ. एसके शर्मा सीएमएस, डॉ. डीएस चौहान, डॉ. पूनम श्रीवास, डॉ. एसके सिंह, डॉ. संजय जायसवाल, डॉ. एचआर वर्मा, मेनेजर खुशबू इत्यादि उपस्थित रहे |