सीएसजेएमयू में दो दिवसीय मीडिया कार्यशाला संपन्न
- मीडिया उद्योग केवल सैद्धांतिक ज्ञान नहीं, व्यावहारिक दक्षता और बहुआयामी कौशल की अपेक्षा करता है: डॉ. मनुकोण्डा रवीन्द्रनाथ
हिंदुस्तान न्यूज़ एक्सप्रेस कानपुर। छत्रपति शाहूजी महाराज विश्वविद्यालय के कुलपति के मार्गदर्शन में पत्रकारिता एवं जनसंचार विभाग में दो दिवसीय टीवी प्रोडक्शन कार्यशाला का शनिवार को संपन्न हुई। विद्यार्थियों को टीवी पत्रकारिता के व्यावहारिक पक्षों का गहन प्रशिक्षण दिया गया। प्रोफेसर ऑफ प्रैक्टिस श्वेता अरोरा मलहोत्रा ने प्रतिभागियों को टीवी न्यूज इंटरव्यू, न्यूज डिबेट, स्टूडियो एंकरिंग, न्यूज पैकेज निर्माण तथा कैमरे के सामने प्रभावी प्रस्तुति की बारीकियों का प्रशिक्षण दिया।
कार्यशाला के दौरान छात्रों ने समाचार चयन से लेकर स्क्रिप्ट लेखन, विजुअल चयन, वॉयस ओवर, बाइट्स के उपयोग, पीस-टू-कैमरा (PTC), स्टूडियो प्रस्तुति तथा अंतिम न्यूज पैकेज तैयार करने तक की पूरी प्रक्रिया का अभ्यास किया। इसके साथ ही विभिन्न समसामयिक विषयों पर न्यूज डिबेट की गई, जिसमें विद्यार्थियों ने एंकर, विशेषज्ञ और प्रवक्ता की भूमिका निभाते हुए तार्किक एवं संतुलित प्रस्तुति का प्रदर्शन किया। मुख्य अतिथि जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय के मीडिया विभाग के प्रो. डॉ. मनुकोण्डा रवीन्द्रनाथ ने कहा कि आज का मीडिया उद्योग केवल सैद्धांतिक ज्ञान नहीं, बल्कि व्यावहारिक दक्षता और बहुआयामी कौशल की अपेक्षा करता है। उन्होंने कहा कि ग्राउंड रिपोर्टिंग की संवेदनशीलता और स्टूडियो एंकरिंग की प्रभावशाली प्रस्तुति, दोनों में समान दक्षता ही एक सफल टीवी पत्रकार की पहचान है। उन्होंने कहा कि कैमरे के सामने आत्मविश्वास, स्पष्ट अभिव्यक्ति और तथ्यपरक प्रस्तुति ही दर्शकों का विश्वास अर्जित करती है, नियमित अभ्यास और फील्ड अनुभव पर विशेष ध्यान देना चाहिए।
विभागाध्यक्ष डॉ. दिवाकर अवस्थी ने कहा कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 का प्रमुख उद्देश्य विद्यार्थियों को कौशल आधारित शिक्षा उपलब्ध कराना है।उन्होंने कहा कि मीडिया उद्योग बदल रहा है और आज संस्थानों की जिम्मेदारी केवल डिग्री प्रदान करना नहीं, बल्कि ऐसे दक्ष मीडिया पेशेवर तैयार करना है जो न्यूजरूम की चुनौतियों का आत्मविश्वास के साथ सामना कर सकें। कार्यशाला का संयोजन डॉ. ओमशंकर गुप्ता, डॉ हरिओम कुमार व सागर कनौजिया ने किया। इस अवसर पर विभाग के सह-आचार्य डॉ. योगेन्द्र पाण्डेय, डॉ. होइमावती तालुकदार, डॉ. जितेन्द्र डबराल, डॉ. रश्मि गौतम, प्रेम किशोर शुक्ला सहित विभाग के शिक्षक एवं शोधार्थी उपस्थित रहे।