खाद्य विभाग का अभियान:गंदगी में बनते मिले केक और समोसे-कचौड़ी
- सात प्रतिष्ठानों के अभियान में तीन का संचालन बंद, एक को नोटिस
- बॉम्बे बेकरी में गंदगी में बन रहे केक, गोपाला स्वीट हाउस में खुले नाले के किनारे तैयार हो रहे समोसे-कचौड़ी
हिंदुस्तान न्यूज़ एक्सप्रेस कानपुर। डीएम के निर्देश पर खाद्य सुरक्षा विभाग ने शनिवार को शहर में विशेष अभियान चलाकर सात खाद्य प्रतिष्ठानों की जांच की। अभियान के दौरान तीन प्रतिष्ठानों का संचालन बंद कराया गया, एक होटल को नोटिस जारी किया गया तथा विभिन्न प्रतिष्ठानों से 10 खाद्य नमूने संग्रहित कर जांच के लिए भेजे गए।
सहायक आयुक्त (खाद्य)-II के निर्देश पर खाद्य सुरक्षा अधिकारी रजनीश कुमार राय, अनिल कुमार, नरेंद्र शर्मा, आशुतोष कुमार, उमाशंकर सिंह एवं खाद्य सचल दल ने अभियान चलाकर विभिन्न प्रतिष्ठानों का निरीक्षण किया।
दलेलपुरवा पुलिस चौकी के सामने स्थित बॉम्बे बेकरी के निरीक्षण में गंदगी के बीच केक का निर्माण होता मिला। खाद्य कर्मी बिना हेड कैप, हैंड ग्लव्स और एप्रन के कार्य करते पाए गए, जबकि फूड हैंडलरों के स्वास्थ्य प्रमाण पत्र उपलब्ध नहीं थे। वर्किंग एरिया में खाद्य पदार्थ बिखरे मिले, खाद्य एवं अखाद्य सामग्री एक साथ रखी हुई थी तथा निर्माण स्थल पर कूड़े का जमाव पाया गया। प्रतिष्ठान के पास खाद्य कारोबार हेतु वैध पंजीकरण भी नहीं था। खाद्य सुरक्षा मानकों के उल्लंघन और वैध पंजीकरण के अभाव में प्रतिष्ठान में खाद्य पदार्थों का निर्माण कार्य बंद करा दिया गया। संदेह के आधार पर केक और वनस्पति घी के नमूने संग्रहित कर जांच के लिए भेजे गए। इसी क्रम में डिप्टी पड़ाव चौराहा, लक्ष्मीपुरवा स्थित गोपाला स्वीट हाउस का निरीक्षण किया गया। निरीक्षण में खुले नाले के किनारे समोसे और कचौड़ी तैयार की जा रही थीं तथा गंदगी सीधे नाली में डाली जा रही थी। प्रतिष्ठान के प्रवेश एवं निकास मार्ग पर गंदा पानी जमा था, जहां बड़ी संख्या में मक्खियां मौजूद थीं। फूड हैंडलरों द्वारा व्यक्तिगत स्वच्छता का पालन नहीं किया जा रहा था। खाद्य पदार्थों के संदूषित होने की प्रबल संभावना और खाद्य सुरक्षा मानकों के गंभीर उल्लंघन को देखते हुए साफ-सफाई सुनिश्चित होने तक प्रतिष्ठान का खाद्य व्यवसाय मौके पर ही बंद करा दिया गया। चमनगंज स्थित मेसर्स वारसी होटल एंड कैटरर्स के निरीक्षण में कर्मचारियों द्वारा बिना हेड कैप, ग्लव्स और एप्रन के भोजन तैयार किया जाता मिला। कर्मचारियों के स्वास्थ्य प्रमाण पत्र उपलब्ध नहीं थे। तैयार भोजन स्टेनलेस स्टील के बर्तनों के बजाय प्लास्टिक के बर्तनों में रखा गया था। इन सभी कमियों को दूर करने के निर्देश देते हुए खाद्य कारोबारकर्ता को मौके पर नोटिस जारी किया गया। हलीम कॉलेज चौराहा, चमनगंज स्थित बाबा स्वीट हाउस के निरीक्षण में स्वच्छता व्यवस्था संतोषजनक पाई गई। वेज एवं नॉनवेज खाद्य पदार्थों के लिए अलग-अलग डीप फ्रीजर का उपयोग किया जा रहा था तथा भोजन निर्माण में देसी घी एवं स्वयं पिसे मसालों का प्रयोग पाया गया। इसी अभियान के दौरान अजमेरी चौराहा स्थित न्यू अजमेरी रेस्टोरेंट, अफीम कोठी स्थित आगरा जैन जलेबी तथा जूही स्थित हिमानी फूड कॉरपोरेशन की भी जांच की गई। न्यू अजमेरी रेस्टोरेंट से संदेह के आधार पर पीली मिर्च पाउडर एवं वनस्पति घी के नमूने संग्रहित कर जांच के लिए भेजे गए। आगरा जैन जलेबी से रिफाइंड सोयाबीन तेल एवं मैदा के नमूने संग्रहित किए गए। निरीक्षण में साफ-सफाई की स्थिति संतोषजनक न मिलने पर प्रतिष्ठान संचालक को कमियां दूर होने तक खाद्य निर्माण कार्य बंद रखने के निर्देश दिए गए। वहीं हिमानी फूड कॉरपोरेशन की सॉस निर्माण इकाई का निरीक्षण कर निर्माण प्रक्रिया, कच्चे माल एवं लेबलिंग का सत्यापन किया गया, जो संतोषजनक पाया गया। सहायक आयुक्त (खाद्य)-II संजय प्रताप सिंह ने कहा कि सभी खाद्य कारोबारकर्ता खाद्य उत्पादन स्थलों पर हाइजीन प्रैक्टिसेज एवं खाद्य सुरक्षा के निर्धारित मानकों का अनिवार्य रूप से पालन करें। जिन प्रतिष्ठानों में मानकों का उल्लंघन पाया जाएगा, उनके विरुद्ध खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम के तहत सख्त कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने बिना वैध पंजीकरण अथवा लाइसेंस के संचालित प्रतिष्ठानों से तत्काल संचालन बंद कर नियमानुसार पंजीकरण अथवा लाइसेंस प्राप्त करने की अपील की