पीएलवी ने मानव तस्करी, महिलाओं एवं बच्चों के संरक्षण की दी जानकारी
जिला संवाददाता सुनील कुमार धुरिया
हिंदुस्तान न्यूज़ एक्सप्रेस सुमेरपुर, हमीरपुर l शुक्रवार को जिला विधिक सेवा प्राधिकरण हमीरपुर के तत्वावधान में जनपद न्यायाधीश/अध्यक्ष जिला विधिक सेवा प्राधिकरण हमीरपुर रामप्यारे जी के कुशल मार्गदर्शन एवं सिविल जज सीनियर डिवीजन डिवीजन/सचिव श्रीमती वन्दना अग्रवाल जी के कुशल दिशा निर्देशन में कन्या उच्च प्राथमिक विद्यालय सुमेरपुर में विधिक जागरूकता एवं साक्षरता शिविर का आयोजन किया गया। इस अवसर पर पीएलवी गणेश सिंह द्वारा "मानव तस्करी, महिलाओं एवं बच्चों के संरक्षण के संबंध में विस्तृत जानकारी दी गई। पीएलवी गणेश सिंह ने बच्चों को उनकी आयु और समझ के अनुकूल संवेदनशील और सरल वातावरण में कानूनी जानकारी दी। पीएलवी गणेश सिंह ने बताया कि भारतीय न्याय संहिता 2023 के तहत मानव तस्करी से जुड़े अपराधों और कठोर दंड का प्रावधान किया गया है। यौन अपराधों से बालकों का संरक्षण पोक्सो एक्ट अधिनियम 2012 बच्चों को यौन शोषण, उत्पीड़न और दुर्व्यवहार से संरक्षण प्रदान करता है। किशोर न्याय बालकों की देखरेख एवं संरक्षण अधिनियम 2015 देखरेख और संरक्षण की आवश्यकता वाले बच्चों के बचाव, देखभाल और पुनर्वास की व्यवस्था करता है। बाल विवाह प्रतिषेध अधिनियम 2006, बंधुआ प्रणाली उन्मूलन अधिनियम 1976 और बाल श्रम प्रतिषेध एवं विनिमयन अधिनियम 1986 अन्य विशेष कानून हैं। तस्करी की शिकार महिलाओं और बच्चों को अपराधों या आप्रवासन कानून का उल्लंघनकर्ता नहीं माना जाता बल्कि उन्हें पीड़ित मानकर सुरक्षा दी जाती है। एंटी ह्युमन ट्रैफिकिंग यूनिट्स एक विशेष मानव तस्करी रोधी इकाई है जो मानव तस्करी के मामलों की रोकथाम, जांच और पीड़ितों को बचाने का काम करती है। गंभीर प्रकृति के मानव तस्करी के मामलों की जांच राष्ट्रीय अन्वेषण अभिकरण द्वारा भी की जा सकती है। आपातकालीन स्थिति या जानकारी देने के लिए राष्ट्रीय महिला आयोग हेल्पलाइन, महिला हेल्पलाइन 1090, चाइल्ड हेल्पलाइन 1098, और आपातकालीन पुलिस सेवा (112) का उपयोग किया जा सकता है। यह भी बताया कि 14 साल तक के बच्चों को निःशुल्क शिक्षा का अधिकार है। पीएलवी गणेश सिंह ने गुड टच-बैड टच, यौन उत्पीड़न, पोर्नोग्राफी, बाल विवाह, बाल श्रम, नशा मुक्ति और साइबर सुरक्षा से बचाव आदि के बारे में बताया। आगे कहा कि किसी भी प्रकार की अप्रिय घटना अथवा लैंगिक अपराध की स्थिति में चुप न रहें। घटना की सूचना तत्काल अपने अभिभावकों एवं शिक्षकों को दें।
सेवानिवृत शिक्षक हरीराम गुप्त, सेवानिवृत शिक्षक कैलाश सोनी एवं प्रधानाचार्या वन्दना त्रिपाठी जी ने भी बच्चों को उनके अधिकारों सहित अन्य उपयोगी जानकारी दी। विद्यालय की शिक्षिका रंजना गुप्ता, मंजूलता एवं छात्र छात्राएं उपस्थित रहे।