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पूर्व प्रधानमंत्री की जयंती पर डाला प्रकाश
Updated: 7/4/2022 12:43:00 PM By Reporter- rajesh kashyap kanpur

पूर्व प्रधानमंत्री की जयंती पर डाला प्रकाश |
हिंदुस्तान न्यूज़ एक्सप्रेस कानपुर | भारत सेवक समाज, द्वारा संस्था के संस्थापक चैयरमैन एवं पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष भारतरत्न पूर्व प्रधानमंत्री स्व0 गुलजारी लाल नंदा की 125वीं जयन्ती की पूर्व संध्या पर  कैम्प कार्यालय: 6 गांधीग्राम, जी0टी0 रोड, में एक चिंतन गोष्ठी का आयोजन कार्यकारी अध्यक्ष अतहर नईम की अध्यक्षता में सम्पन्न हुआ। 
सर्वप्रथम महामंत्री शरद प्रकाश अग्रवाल ने मुख्य अथिति के रूप में पधारे पूर्व उप नगर प्रमुख एस0पी0 पाण्डेय, विशिष्ट अथिति सुखबीर सिंह मालिक एवं सभी उपस्थित महानुभावों का स्वागत करते हुए संस्था के बारे प्रकाश डालते हुये बताया कि संस्था की स्थापना 12 अगस्त 1952 को योजना आयोग की संतुति पर की गई थी। नंदा उस समय योजना आयोग के उपाध्यक्ष भी थे तथा वे इस संस्था के आजीवन राष्ट्रीय चैयरमैन रहे। आज संस्था को राष्ट्रीय चैयरमैन के रूप में स्वामी केशवानंद (दिल्ली/पटना) का कुशल मार्गदर्शन प्राप्त है। 
स्वागताध्यक्ष वरिष्ठ पदाधिकारी आनंद किशोर शुक्ला के साथ कार्यक्रम संयोजक एवं श्रीकृष्ण को0हा0 सो0 लि0 के सचिव अरविंद कुमार दीक्षित, एडवोकेट ने दो बार रहे पूर्व कार्यवाहक प्रधानमंत्री भारतरत्न गुलजारी लाल नंदा जैसे राजनैतिक सन्त की जयंती मनाने पर भारत सेवक समाज के पदाधिकारियों की सराहना की। मुख्य अथिति ने कहा कि  गुलजारीलाल नंदा एक ऐसे राजनेता थे जो दो बार भारत के कार्यवाहक प्रधानमंत्री बने. वे पहली बार पंडित जवाहरलाल नेहरू की मृत्यु के बाद 1964 में कार्यवाहक प्रधानमंत्री बनाए गए और दूसरी बार  लाल बहादुर शास्त्री की मृत्यु के बाद 1966 में यह कार्यवाहक प्रधानमंत्री बने. दोनो बार इनका कार्यकाल उसी समय तक सीमित रहा जब तक कि पार्टी ने अपने नए नेता का चयन नहीं कर लिया. आज के दौर होता तो खरीद फरोख्त कर प्रधानमंत्री का पद बनाये रखता।
नंदा एक समर्पित गाँधीवादी, स्वाधीनता सेनानी, कुशल व सख्त प्रशासक और सादगी, सरलता एवं ईमानदारी की प्रतिमूति प्रभावशाली श्रमिक नेता थे. आज उनकी जयंती है. नन्दा  के बारे में बतलाया कि प्रधानमंत्री बनने से पूर्व एवं हटने के बाद प्रधानमंत्री कार्यालय को आने जाने का खर्च अपने पास से काटने हेतु पत्र लिखा था, वह पत्र म्यूजियम में आज भी उपलब्ध है। वक्ताओं ने बताया कि  गुलजारी लाल नंदा  का जन्म 4 जुलाई 1898 को पंजाब के सियालकोट में हुआ था. | इस चिंतन गोष्ठी में अध्यक्ष अतहर नईम, महामंत्री शरद प्रकाश अग्रवाल, सुखबीर सिंह मालिक, अरविंद कुमार दीक्षित, सीमा अग्रवाल, आनंद किशोर शुक्ला, तारणी कुमार पासवान, विनोद पाण्डेय, राजेश जायसवाल, विजय श्रीवास्तव, योगेश ठाकुर, अशोक मिश्रा, अनिल बाजपेई, दीप पाण्डेय, कमल शर्मा , राहुल श्रीवास्तव आदि प्रमुख रूप से उपस्थित रहे।

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