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  1. इटावा से एक दर्जन से अधिक संख्या में कन्नौज पहुंचे अधिकारी।
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  3. कागजों की छानबीन में जुटी जी एस टी की टीम।
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  5. तीन गाड़ियों से इत्र व्यापारी के घर पहुंची टीम।
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  7. कन्नौज-यूपी जी एस टी की टीम ने इत्र व्यापारी के घर पर मारा छापा
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पुराने लगे 22 सीसीटीवी कैमरों का पता नहीं, नये लगाने की तैयारी
Updated: 7/28/2022 12:49:00 AM By Reporter- prince srivastav kannauj

पुराने लगे 22 सीसीटीवी कैमरों का पता नहीं, नये लगाने की तैयारी
कन्नौज ब्यूरो पवन श्रीवास्तव के साथ प्रिंस श्रीवास्तव
हिंदुस्तान न्यूज एक्सप्रेस कन्नौज संवाददाता।नये पुलिस अधीक्षक कुंवर अनुपम सिंह ने पूरे जिले में मुख्य चौराहों और सार्वजनिक स्थलों और भीड़भाड़ वाले इलाकों में सीसीटीवी कैमरे लगाकर अपराधिक गतिविधियों पर नजर रखने की बात कही थी।आज उसी को ध्यान में रखते हुए सीओ डा प्रियंका बाजपेई और कला चौकी प्रभारी आनंद मिश्रा ने नगर का भ्रमण कर चौराहों,तिराहों व भीड़भाड़ वाले इलाकों में सीसीटीवी कैमरे लगाए जाने के सम्बंध में व्यापारियों से व स्थानीय लोगों से विचार विमर्श किया लेकिन पुलिस विभाग द्वारा 2015 में लगाए गए सीसीटीवी कैमरों का कुछ भी पता नहीं है।कन्नौज नगर में प्रशासन द्वारा शहर के संदिग्धों पर नजर रखने के लिए लगाए गए सीसीटीवी कैमरे और उपकरण शहर के कई मुख्य स्थानों पर लगाए गए थे लेकिन बीते पांच सालों से शासन द्वारा लगाए गए सीसीटीवी कहा गायब हो गए इसका कुछ अता पता नहीं है।इसका पता लगाने के लिए तत्कालीन एसपी ने चार सदस्यीय कमेटी का गठन किया था लेकिन इस जांच कमेटी द्वारा क्या रिपोर्ट दी गई इसकी किसी को जानकारी नहीं है।कैमरे कब बंद हो गए और कैमरे गायब होने की जानकारी उच्च अधिकारियों को क्यों नहीं दी गई,कौन कौन दोषी है इसका पता नहीं चल पाया। आज भी कैमरे की जांच ठंडे बस्ते में हैं।बक्शी चौराहे पर स्थित एक दुकान पर कब्जे को लेकर पांच जुलाई 2015 को शहर में हुई हिंसा के बाद शहर के प्रमुख चौराहों, बाजारों, सार्वजनिक स्थानों पर 22 सीसीटीवी कैमरे लगवाए गए थे ताकि किसी भी संदिग्ध पर नजर रखी जा सके और इसका कंट्रोल रूम कला चौकी को बनाया गया था। 2017 में इन कैमरों ने तकनीकी कारणों से निगरानी करना बंद कर दिया था जिसकी पुलिस अधिकारियों ने कोई सुधि नहीं ली।इससे अराजकतत्वों ने पोलों पर लगे कैमरे और केबल गायब कर दी।वहीं कलां चौकी में बनाए गए कंट्रोल रूम से किसी ने डीवीडी,एलईडी और अन्य उपकरणों को पार कर दिया। इससे करीब पांच साल से शहर में पुलिस की तीसरी आंख बंद है।जानकारी मिलने के बाद तत्कालीन एसपी ने सीओ सिटी,आरआई ,सदर कोतवाल और आरआई रेडियो शाखा को जांच सौंपी थी लेकिन इस जांच का क्या हुआ आज तक किसी को कुछ पता नहीं है।शहर के संवेदनशील लाखन तिराहे,मिठाई गली,चूड़ी वाली गली,बड़ा बाजार,हरदेवगंज, नगर पालिका चौराहे पर सीसीटीवी कैमरे लगाए गए थे।इसके अलावा ट्रैफिक व्यवस्था की निगरानी के लिए तिर्वा क्रासिंग,मकरंदनगर चौराहा,बस स्टाप पर भी कैमरे लगे थे।इन कैमरों से पुलिस लाइन के कंट्रोल से रूम से निगरानी की जाती थी लेकिन पुलिस की तीसरी आंख कई साल से बंद है। अभी तक किसी अधिकारी ने इस पर ध्यान नहीं दिया।

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