होम कानपुर कानपुर आस-पास अपना प्रदेश राजनीति देश/विदेश स्वास्थ्य खेल आध्यात्म मनोरंजन बिज़नेस कैरियर संपर्क
 
  1. सुप्रसिद्ध गज़ल गायक पंकज उदास नहीं रहे
  2.      
  3. उत्तर प्रदेश/कानपुर-एडीजी जोन ने निर्वाचनों में अपने मताधिकार के प्रयोग की दिलाई शपथ
  4.      
  5. उत्तर प्रदेश/कानपुर देहात-एडीजी जोन ने नवनिर्मित मीडिया सेंटर कक्ष का किया उद्घाटन
  6.      
  7. उत्तर प्रदेश/कानपुर-छात्र-छात्राओं का शैक्षणिक भ्रमण दल आया वापस, कुलपति ने दी बधाई
  8.      
  9. उत्तर प्रदेश/कानपुर -उ.प्र. दिवस का सीएसए सभागार में विस अध्यक्ष ने दीप प्रज्ज्वलित कर किया शुभारंभ।
  10.      
  11. उत्तर प्रदेश/वाराणसी- माता मंगलागौरी के अन्नकूट श्रृंगार महोत्सव के अवसर पर निकाला गयी भव्य कलश यात्रा
  12.      
  13. उत्तर प्रदेश- कानपुर राष्ट्रीय मतदाता दिवस पर पेटिंग, पोस्टर व रंगोली प्रतियोगिता का आयोजन
  14.      
  15. चमनगंज पुलिस व फायर ब्रिगेड मौके पर।
  16.      
  17. उत्तर प्रदेश -कानपुर थाना चमनगंज अंतर्गत रूपम चौराहे के पास बिल्डिंग में लगी भीषण आग।
  18.      
  19. उत्तर प्रदेश वाराणसी-दर्शनार्थियों ने सामूहिक फांसी लगा दी जान मचा कोहराम
  20.      
  21. वाराणसी -40 वां श्री श्याम महोत्सव अत्यंत हर्षोल्लास के साथ मनाया गया।
  22.      
  23. वाराणसी-दीक्षा महिला कल्याण शोध संस्थान का 7वें वार्षिकोत्सव का हुआ आयोजन
  24.      
  25. कानपुर- केशव मधुवन सेवा समिति, केशव नगर द्वारा मंगलवार को करवा चौथ के उपलक्ष में समिति द्वारा महिलाओं के लिए निःशुल्क मेंहदी शिविर कार्यक्रम का आयोजन केशव मधुवन वाटिका,केशव नगर में किया गया।
  26.      
  27. कानपुर -सीएसए में देश के पहले उप प्रधानमंत्री और गृहमंत्री सरदार बल्लभ भाई पटेल की 148वी जयंती राष्ट्रीय एकता के रूप में मनाई गई।
  28.      
  29. कानपुर -सीएसए के अधीन संचालित कृषि विज्ञान केंद्र, इटावा,मैनपुरी एवं औरैया जनपद में स्थित कृषि विज्ञान केन्द्रो का किया दौरा
  30.      
  31. कानपुर-एडीजी जोन ने लौहपुरुष के तैलचित्र पर किया माल्यार्पण |
  32.      
  33. कानपुर-पुलिस आयुक्त ने राष्ट्रीय एकता एवं अखण्डता की दिलाई शपथ
  34.      
  35. कानपुर -आर्युवेद से कई बीमारियों का सफल इलाज- वैद्य बालेन्द्रू प्रकाश
  36.      
  37. कानपुर -सीएसए के अधीन संचालित कृषि विज्ञान केंद्र दलीप नगर पर बीएससी कृषि सप्तम सेमेस्टर की छात्राओं का ग्रामीण कृषि कार्य अनुभव प्रारंभ हुआ।
  38.      
  39. कानपुर- गंगा टास्क फोर्स और 54 एनसीसी कैडेटस ने मिलकर स्वच्छता अभियान चलाया।
  40.      
 
 
आप यहां है - होम  »  स्वास्थ्य  »  टीबी चैंपियन ने मिलकर मेट्रो कर्मचारियों को किया जागरूक
 
टीबी चैंपियन ने मिलकर मेट्रो कर्मचारियों को किया जागरूक
Updated: 3/29/2023 4:40:00 PM By Reporter- rajesh kashyap kanpur

टीबी चैंपियन ने मिलकर मेट्रो कर्मचारियों को किया जागरूक
हिंदुस्तान न्यूज़ एक्सप्रेस कानपुर टीबी दशकों से बड़ी सार्वजनिक स्वास्थ्य और सामाजिक समस्या है। इसका नाम सुनकर लोग अपनों से दूरी बना लेते हैं। यह उचित नहीं है। इसी डर से मरीज इलाज के लिए नहीं आते हैं। ऐसे सामाजिक भेदभाव और भय को न केवल समाज बल्कि स्वास्थ्य प्रणाली में भी बदलना होगा। जिला क्षय रोग विभाग और वर्ल्ड विजन संस्था के साथ टीबी चैंपियन लोगों को कुछ ऐसा ही सन्देश दे रहे हैं। मेट्रो कर्मचारियों सहित निर्माणाधीन मेट्रो में कार्य कर रहे मजदूरों को मंगलवार को टीबी चैंपियंस ने टीबी के बारे में जागरूक किया। साथ ही टीबी के प्रति समाज में फैली भ्रांतियों जैसे टीबी लाइलाज है, यह गरीबों की बीमारी है, यह अनुवांशिक है, छुआछूत से फैलती है को भी दूर किया।
सोमवार को चुन्नीगंज स्थित मेट्रो स्टेशन पहुंची टीबी चैंपियन दुर्गा सैनी ने बताया कि जनपद की 26 टीबी यूनिट पर मुफ्त जांच की सुविधा उपलब्ध है। यहां पर मरीज की स्क्रीनिंग की जाती है। यदि टीबी है तो मरीज को दवा को बीच में नहीं छोड़ना चाहिए, नियमित दवा का सेवन करने से टीबी ठीक हो जाती है। रोग के लक्षण आने पर बलगम की जांच कराने की सलाह भी दी। इसी कड़ी मे ग्वालटोली में स्वयं सहायता समूह के महिलाओं को जागरूक करने पहुंची टीबी चैंपियन निदा ने बताया कि टीबी (क्षय) अब लाइलाज बीमारी नहीं है, बल्कि समय पर रोग के लक्षणों की पहचान कर इलाज शुरू कराने से टीबी ग्रस्त की जिंदगी बचाई जा सकती है। टीबी रोग से निजात पाने के लिए टीबी से ग्रसित मरीज को उपचार के अंतर्गत नियमित रूप से प्रतिदिन सेवन करने के लिए दवाइयां दी जाती हैं। दवाइयों का नियमित सेवन करने से मरीज शत प्रतिशत रोगमुक्त हो सकता है।जिला क्षय रोग अधिकारी डॉ. एपी मिश्रा ने बताया - कुछ ऐसे व्यावसायिक समूह हैं, जिनमें खनिज, स्टोन क्रशर, कपास मिलों, चाय बागानों, निर्माण, कांच और बुनाई उद्योगों, असंगठित श्रमिकों, चाय बागान श्रमिकों आदि में कार्यरत श्रमिक शामिल हैं। श्रमिकों के इन समूहों को विभिन्न कारणों से टीबी संक्रमण होने का अधिक खतरा होता है जैसे कि श्वसन प्रणाली के लिए हानिकारक विषाक्त पदार्थों / सामग्रियों के संपर्क में आना और पर्याप्त वेंटिलेशन के बिना भरे हुए स्थानों में काम करना । विभाग टीबी चैम्पियन की मदद से इन समूहों को जागरूक करने का प्रयास कर रहा है ।
बीच में इलाज छोड़ने से स्थिति हो सकी है गंभीर – जिला क्षय रोग अधिकारी  
डॉ मिश्रा ने कहा - टीबी से घबराएं नहीं, इसे खत्म करने के लिए पूरा इलाज कराएं। दो से तीन हफ्ते तक लगातार इलाज कर लिया जाए तो इसके बैक्टीरिया निष्क्रिय हो जाते हैं। बैक्टीरिया में संक्रमण फैलाने की क्षमता खत्म हो जाती है। उन्होंने टीबी मरीजों से भेदभाव न करने की भी अपील की और कहा कि बार-बार टीबी का इलाज छोड़ना घातक हो सकता है। इससे मरीज़ दवाओं के प्रति रजिस्टेंट हो जाता है। नतीजतन टीबी की सामान्य दवाएं बेअसर हो जाती है। मरीज़ घातक टीबी की चपेट में आ सकता है। इसका इलाज दो साल चलता है। कहा कि दवा संग अच्छा पोषण मरीज को जल्द सेहतमंद होने में मदद करता है।
जिला कार्यक्रम समन्वयक राजीव सक्सेना ने बताया कि घर के किसी भी सदस्य में फेफड़े की टीबी की पुष्टि हो तो दो से तीन हफ्ते तक मरीज मास्क लगाकर रहे। तौलिया या बर्तन आदि अलग करने की जरूरत नहीं है। इसके अलावा टीबी मरीज के घर के सदस्य टीबी प्रिवेंशन ट्रीटमेंट (टीपीटी) के तहत बचाव के लिए डॉक्टर की सलाह लें।
दवा के साथ पोषण ज़रूरी
जिला कार्यक्रम समन्वयक ने बताया कि टीबी मरीजों में कई तरह के लक्षण दिखाई देते हैं। दो हफ्ते से अधिक समय खांसी आना,पसीना आना, बुखार का बने रहना, थकावट होना, वजन घटना, सांस लेने में परेशानी आदि लक्षण टीबी के हो सकते हैं| सरकार टीबी की जाँच और उपचार के सुविधा दे रही है| साथ ही निक्षय पोषण योजना के तहत 500 रुपये प्रतिमाह की आर्थिक मदद दी जाती है। टीबी की दवा के साथ-साथ मरीज के पोषण का भी ध्यान रखना चाहिए

Share this :
   
State News से जुड़े हर ताज़ा अपडेट पाने के लिए HNS के फ़ेसबुक पेज को लाइक करें
 
प्रमुख खबरे
चिकित्सकों ने ग्रोथ सिम्पोशियम कार्यक्रम का दीप प्रज्ज्वलित कर की शुरुआत
डॉ. सूर्यकान्त पहले डॉ. अंजू गुप्ता ओरेशन अवार्ड से सम्मानित
शिशु जन्म के बाद तीन टीके 24 घंटे के अंदर लगवाना ज़रूरी - डीआईओ
विषाक्त भोजन से बीमार हुए सभी 8 बच्चे पूरी तरह से स्वस्थ- डॉ ए के आर्या
अस्पताल में अचानक आग से कैसे सुरक्षा हो पैरामेडिकल छात्रों को दिए टिप्स
 
 
 
Copyright © 2016. all Right reserved by Hindustan News Express | Privecy policy | Disclimer Powered By :