डिजिटल आई स्ट्रेन एवं दृष्टि सुरक्षा पर यूपीयूएमएस द्वारा निवारक स्वास्थ्य शिविर का आयोजन
हिंदुस्तान न्यूज़ एक्सप्रेस सैफई/इटावा।उत्तर प्रदेश आयुर्विज्ञान विश्वविद्यालय (यूपीयूएमएस), सैफई के फिजियोलॉजी विभाग के तत्वाधान में माननीय कुलपति प्रो. (डॉ.) अजय सिंह के मार्गदर्शन एवं प्रेरणा से “डिजिटल आई स्ट्रेन एवं दृष्टि तीक्ष्णता : स्क्रीन युग में दृष्टि की सुरक्षा” विषय पर एक निवारक स्वास्थ्य एवं जागरूकता शिविर का आयोजन राजकीय गर्ल्स इंटर कॉलेज (GGIC), इटावा में सफलतापूर्वक किया गया।इस शिविर विद्यालय की लगभग 150 छात्राओं ने लाभान्वित होकर विशेषज्ञ परामर्श प्राप्त किया ।
वर्तमान डिजिटल युग में मोबाइल, कंप्यूटर एवं अन्य इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों के बढ़ते उपयोग से विद्यार्थियों में दृष्टि संबंधी समस्याओं में वृद्धि को ध्यान में रखते हुए इस शिविर का उद्देश्य छात्राओं को डिजिटल आई स्ट्रेन के दुष्प्रभावों एवं बचाव के उपायों के प्रति जागरूक करना था।
शिविर के दौरान विशेषज्ञ चिकित्सकों द्वारा डिजिटल आई स्ट्रेन के लक्षण, अत्यधिक स्क्रीन टाइम से होने वाली समस्याएं, आंखों की थकान, सिरदर्द, धुंधला दिखाई देना तथा दृष्टि ह्रास जैसे संभावित जोखिमों पर विस्तार से जानकारी दी गई। साथ ही 20-20-20 नियम, उचित प्रकाश व्यवस्था, सही स्क्रीन दूरी, सीमित स्क्रीन उपयोग एवं नियमित नेत्र परीक्षण जैसी सरल एवं प्रभावी सावधानियों के बारे में भी बताया गया।
कार्यक्रम में फिजियोलॉजी विभागाध्यक्ष डॉ. अमित कांत सिंह सहित डॉ. प्रवेश कुमार, डॉ. अमिता सिंह, डॉ. राज कमल मौर्य, डॉ. गोविंद यादव, डॉ. आस्था सिंह, डॉ. अनुभव कुमार एवं डॉ. अपराजिता मिश्रा ने शिविर में छात्राओं को दैनिक जीवन में आंखों की स्वच्छता एवं सुरक्षा उपाय अपनाने हेतु प्रेरित किया।
इस स्वास्थ्य शिविर के सफल संचालन में राजकीय गर्ल्स इंटर कॉलेज की प्रधानाचार्या श्रीमती अंजुश्री तथा शिक्षिकाओं श्रीमती रिचा पोरवाल, श्रीमती पूनम सहाय, श्रीमती दरक्शा हसन एवं अन्य संकाय सदस्यों का महत्वपूर्ण सहयोग प्राप्त हुआ। साथ ही ऑप्टोमेट्री के छात्रों ने भी नेत्र परीक्षण एवं परामर्श में सक्रिय भूमिका निभाई।
प्रतिभागियों ने कार्यक्रम को अत्यंत उपयोगी, ज्ञानवर्धक एवं स्वास्थ्य जागरूकता की दिशा में महत्वपूर्ण पहल बताया।
यूपीयूएमएस सैफई भविष्य में भी समाज के विभिन्न वर्गों के लिए ऐसे जन-जागरूकता एवं निवारक स्वास्थ्य कार्यक्रमों का आयोजन करता रहेगा, जिससे समुदाय में बेहतर स्वास्थ्य संस्कृति को बढ़ावा मिल सके।