बजट विकसित भारत की मजबूत नींव : सांसद रमेश
हिंदुस्तान न्यूज़ एक्सप्रेस कानपुर। सांसद रमेश अवस्थी ने केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण द्वारा आम बजट 2026–27 का स्वागत करते हुए इसे विकसित भारत की दिशा में ऐतिहासिक और जनकल्याणकारी बजट बताया है।
सांसद श्री अवस्थी ने कहा कि यह बजट मध्यम वर्ग, किसानों, युवाओं, महिलाओं, श्रमिकों और उद्यमियों की आकांक्षाओं को पूरा करने वाला है। बजट में कर राहत, रोजगार सृजन, बुनियादी ढांचे के विस्तार और सामाजिक सुरक्षा पर विशेष ध्यान दिया गया है, जिससे देश की अर्थव्यवस्था और अधिक सशक्त होगी। श्री अवस्थी ने कहा कि बजट में इंफ्रास्ट्रक्चर, सड़क, रेल, शहरी विकास और डिजिटल भारत पर किए गए प्रावधानों से शहर सहित प्रदेश के विकास को नई रफ्तार मिलेगी। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार देश को 2047 तक विकसित राष्ट्र बनाने के संकल्प के साथ लगातार आगे बढ़ रही है।
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बज़ट में कर्मचारियो को निराशा
प्रदेश संगठन मंत्री व जिला अध्यक्ष राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद के राजा भरत अवस्थी ने बजट को कर्मचारियो शिक्षकों को बजट में मानक आयकर कटौती २.५० लाख न करने,कर्मचारी व पेंशनर्स को चिकित्सा प्रतिपूर्ति के रूप में प्राप्त धनराशि को आयकर गणना से छूट न देने । १८ माह करोना काल के काटे गए भत्ते का भुगतान कराया न जारी करने ,सरकारी कर्मचारियों को आवास बनवाने हेतु ३ प्रतिशत ब्याज दर पर होम लोन की व्यवस्था न करने । सरकारी कर्मचारियों को वाहन, इलेक्ट्रॉनिक सामान व अन्य जरूरी वस्तुओं के खरीदने के लिए जीएसटी मुक्त कैंटीन न खुलवाने व आयकर स्लैब में छूट न देने से कर्मचारियों को घोर निराशा हुई है।यह बजट कर्मचारी शिक्षक पेंशनर्स विरोधी है।
-बजट ने कर्मचारियों के हित' को हाशिए पर धकेल
राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद मण्डल अध्यक्ष शशिकांत अवस्थी ने केंद्रीय बजट एक बार फिर देश के विकास की धुरी माने जाने वाले 'सरकारी कर्मचारियों' और 'मध्यम वर्ग' के लिए पूरी तरह से निराशाजनक और उत्साहहीन रहा है। सरकार ने बड़े-बड़े दावों के बीच उस वर्ग को पूरी तरह नजरअंदाज कर दिया है जो पूरी ईमानदारी से टैक्स भरता है और सरकारी योजनाओं को धरातल पर उतारता है। यह बजट 'सबका साथ की बात तो करता है, लेकिन कर्मचारियों के हित' को हाशिए पर धकेल देता है। हम सरकार से मांग करते हैं कि वह अपनी प्राथमिकताओं पर पुनर्विचार करे और कर्मचारियों के आर्थिक हितों की रक्षा के लिए ठोस कदम उठाए।