यूपीयूएमएस में स्वास्थ्यकर्मियों को ट्रॉमा एवं आपातकालीन चिकित्सा का व्यावहारिक प्रशिक्षण मिला
*एक दिवसीय "ट्रॉमा एमरजैंसी मैनेजमेंट" प्रशिक्षण कार्यक्रम का हुआ सफल आयोजन
हिंदुस्तान न्यूज़ एक्सप्रेस सैफई/इटवा ।उत्तर प्रदेश आयुर्विज्ञान विश्वविद्यालय (UPUMS), सैफई के आपातकालीन चिकित्सा विभाग (Department of Emergency Medicine) द्वारा सेंटर फॉर एडवांस्ड स्किल्स डेवलपमेंट (CASD), केजीएमयू, लखनऊ के सहयोग से आयोजित एक दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम “TEM (ट्रॉमा एमरजैंसी मैनेजमेंट) कोर्स: ATLS Insight for 1st Responders” सफलतापूर्वक संपन्न हुआ।
इस प्रशिक्षण कार्यक्रम में लगभग 100 प्रतिभागियों, जिनमें संकाय सदस्य, रेजिडेंट डॉक्टर, नर्सिंग स्टाफ तथा क्विक रिस्पॉन्स टीम (QRT) के सदस्य शामिल थे, ने सक्रिय सहभागिता करते हुए आपातकालीन एवं ट्रॉमा प्रबंधन के व्यावहारिक कौशल अर्जित किए।
कार्यक्रम के संरक्षक एवं माननीय कुलपति प्रो. (डॉ.) अजय सिंह ने अपने संदेश में कहा कि
“यूपीयूएमएस केवल एक चिकित्सा संस्थान नहीं, बल्कि राष्ट्र के स्वास्थ्य ढांचे को सुदृढ़ करने का एक सशक्त स्तंभ है। हमारा उद्देश्य ऐसे दक्ष स्वास्थ्यकर्मियों का निर्माण करना है, जो विषम और संसाधन-सीमित परिस्थितियों में भी अंतिम नागरिक तक गुणवत्तापूर्ण और जीवनरक्षक आपातकालीन सेवाएँ पहुँचा सकें। केजीएमयू के साथ यह अकादमिक एवं तकनीकी सहयोग प्रदेश की ट्रॉमा एवं आपातकालीन चिकित्सा सेवाओं को नई दिशा और मानक प्रदान करेगा।”
कोर्स के निदेशक डॉ. समीर मिश्रा ने बताया कि आधुनिक ट्रॉमा केयर में फर्स्ट रिस्पॉन्डर की भूमिका अत्यंत निर्णायक होती है। यह प्रशिक्षण प्रतिभागियों को प्राथमिक सर्वेक्षण (ABCDE अप्रोच), त्वरित निर्णय क्षमता, टीम-आधारित उपचार एवं आपातकालीन स्थितियों में प्रभावी प्रबंधन के लिए सक्षम बनाता है।
आपातकालीन चिकित्सा विभाग के विभागाध्यक्ष एवं आयोजन अध्यक्ष डॉ. प्रशांत मिश्रा ने कहा कि
“ग्रामीण ट्रॉमा सेंटर में कार्यरत डॉक्टरों, नर्सों एवं पैरामेडिकल स्टाफ को निर्णय-आधारित एवं व्यावहारिक प्रशिक्षण प्रदान करना इस कोर्स की आत्मा है, जिससे दुर्घटना के बाद ‘गोल्डन आवर’ में अनावश्यक मृत्यु एवं विकलांगता को प्रभावी रूप से कम किया जा सके।”
कार्यक्रम के दौरान प्रतिभागियों को सिमुलेशन आधारित प्रशिक्षण, केस-आधारित चर्चा तथा व्यावहारिक अभ्यास के माध्यम से आपातकालीन परिस्थितियों से निपटने के उन्नत कौशल सिखाए गए। यह पहल विश्वविद्यालय की गुणवत्तापूर्ण आपातकालीन स्वास्थ्य सेवाएँ उपलब्ध कराने की प्रतिबद्धता को दर्शाती है।