यूपीयूएमएस सैफई में कैंसर जागरूकता माह के अंतर्गत सर्वाइकल कैंसर जागरूकता एवं सामुदायिक सहभागिता कार्यक्रम आयोजित
हिंदुस्तान न्यूज़ एक्सप्रेस सैफई इटावा। उत्तर प्रदेश आयुर्विज्ञान विश्वविद्यालय (यूपीयूएमएस), के कम्युनिटी मेडिसिन विभाग द्वारा माननीय कुलपति प्रो. (डॉ.) अजय सिंह के मार्गदर्शन एवं सहयोग से कैंसर जागरूकता माह सफलतापूर्वक मनाया गया।
इसी क्रम में नागला सुभान गांव स्थित पीएनबी सीएसआर यूनिट में सर्वाइकल कैंसर जागरूकता एवं सामुदायिक सहभागिता गतिविधि (पीआरए) का आयोजन किया गया, जिसमें लगभग 50 स्वयं सहायता समूह की महिलाओं ने भाग लिया।
यह कार्यक्रम डॉ. पी.के. जैन, प्रोफेसर एवं विभागाध्यक्ष, सामुदायिक चिकित्सा के निर्देशन में संपन्न हुआ। कार्यक्रम की समन्वयक डॉ. गगनदीप कौर, एसोसिएट प्रोफेसर ने महिलाओं को सर्वाइकल कैंसर की नियमित जांच, शीघ्र पहचान तथा एचपीवी टीकाकरण के महत्व के बारे में विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने सर्वाइकल कैंसर टीकाकरण एवं यूपीयूएमएस में उपलब्ध सुविधाओं के संबंध में भी जागरूक किया।
डॉ. सुगंधि शर्मा ने सर्वाइकल कैंसर के लक्षणों, जोखिम कारकों तथा समय पर उपचार के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि शीघ्र निदान ही कैंसर से बचाव की कुंजी है।
इसके अतिरिक्त, समूह संवाद, इंटरैक्टिव सत्र एवं अन्य सहभागिता गतिविधियों के माध्यम से महिलाओं को स्वास्थ्य संबंधी विषयों पर सक्रिय भागीदारी के लिए प्रेरित किया गया।
महिलाओं को पीयर एजुकेशन टूलकिट वितरित कर उन्हें पीयर एजुकेटर के रूप में प्रशिक्षित किया गया, ताकि वे अपने समुदाय में स्वास्थ्य संदेशों का सतत प्रसार कर सकें। यह कार्यक्रम सामुदायिक चिकित्सा विभाग, यूपीयूएमएस एवं पीएनबी सीएसआर के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित किया गया, जिसमें पीएनबी किसान प्रशिक्षण केंद्र, सैफई के निदेशक श्री विपिन कुमार यादव का विशेष सहयोग प्राप्त हुआ।
यूपीयूएमएस सैफई की बहु-विषयक अनुसंधान इकाई (एमडीआरयू) के नोडल अधिकारी डॉ. एस.के. शुक्ला का भी महत्वपूर्ण योगदान रहा।
इसी क्रम में शहरी एवं ग्रामीण स्वास्थ्य प्रशिक्षण केंद्रों में भी गर्भाशय ग्रीवा कैंसर जागरूकता एवं सामुदायिक सहभागिता कार्यक्रम आयोजित किए गए, जिनमें महिलाओं ने जागरूकता सत्रों एवं संवादात्मक चर्चाओं में सक्रिय भागीदारी निभाई। इस कार्यक्रम में डॉ. संदीप कुमार, डॉ. विद्या एवं डॉ. प्रेम प्रकाश का सहयोग सराहनीय रहा।
कार्यक्रम के माध्यम से महिलाओं में सर्वाइकल कैंसर की रोकथाम, स्क्रीनिंग एवं समय पर उपचार के प्रति जागरूकता बढ़ाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाया गया, जो समुदाय के समग्र स्वास्थ्य सुदृढ़ीकरण में सहायक सिद्ध होगा।