यूपीयूएमएस सैफई में 20 दिन के नवजात शिशु की जटिल जन्मजात बीमारी का सफल उपचार
हिंदुस्तान न्यूज़ एक्सप्रेस सैफई /इटावा।उत्तर प्रदेश आयुर्विज्ञान विश्वविद्यालय (यूपीयूएमएस), सैफई के बाल शल्य चिकित्सा विभाग ने एक अत्यंत दुर्लभ(Patent Vitello-Intestinal Duct – PVID) एवं जटिल जन्मजात विकृति से पीड़ित 20 दिन के नवजात शिशु का सफल उपचार कर चिकित्सा क्षेत्र में उल्लेखनीय उपलब्धि हासिल की है।
हरदोई जनपद निवासी 20 दिन के पुरुष नवजात को परिजनों द्वारा नाभि क्षेत्र में छेद से आंत बाहर निकलने की गंभीर शिकायत के साथ यूपीयूएमएस लाया गया। शिशु के माता-पिता निम्न सामाजिक-आर्थिक वर्ग से संबंधित हैं तथा निजी अस्पतालों में समुचित उपचार न मिलने के कारण उन्होंने विश्वविद्यालय अस्पताल का रुख किया।
बाल शल्य चिकित्सा विभाग की टीम ने शिशु को तत्काल आपातकालीन स्थिति में भर्ती कर आवश्यक चिकित्सकीय जांचें कीं। परीक्षणों के आधार पर शिशु में पेटेंट विटेलो-इंटेस्टाइनल डक्ट नामक दुर्लभ जन्मजात विकृति का निदान किया गया।
चिकित्सकों के अनुसार गर्भावस्था के दौरान भ्रूण की आंत और नाभि के बीच मौजूद विटेलो-इंटेस्टाइनल डक्ट सामान्यतः जन्म से पहले बंद हो जाती है, किंतु कुछ दुर्लभ मामलों में यह खुली रह जाती है। इस स्थिति में नाभि से आंत बाहर आना, संक्रमण, आंत में रुकावट तथा रक्त आपूर्ति बाधित होने जैसी गंभीर जटिलताएं उत्पन्न हो सकती हैं।
इस मामले में जिसमें छोटी आंत के निकट एवं दूरस्थ दोनों भाग पेटेंट डक्ट के माध्यम से बाहर आ गए थे, जिससे लगभग 10 सेंटीमीटर आंत की रक्त आपूर्ति प्रभावित होने का खतरा उत्पन्न हो गया था।
केवल 1.8 किलोग्राम वजन वाले इस नवजात को एनेस्थीसिया देना भी चुनौतीपूर्ण था, जिसे डॉ. विक्रम सिंह राठौर एवं उनकी एनेस्थीसिया टीम ने सफलतापूर्वक संभाला। तत्पश्चात बाल शल्य चिकित्सा विभाग के डॉ. राफे ए. रहमान एवं डॉ. सरवेश कुमार गुप्ता द्वारा आपातकालीन शल्यक्रिया कर इस दुर्लभ विकृति को सफलतापूर्वक ठीक किया गया।
शल्यक्रिया के बाद शिशु की स्थिति में तेजी से सुधार हुआ। वह सामान्य रूप से दूध पीने लगा तथा पूर्णतः स्वस्थ अवस्था में उसे अस्पताल से छुट्टी दे दी गई। शिशु के परिजनों ने चिकित्सकों एवं अस्पताल प्रशासन के प्रति हृदय से आभार व्यक्त किया।
विश्वविद्यालय के माननीय कुलपति प्रो. (डॉ.) अजय सिंह के निरंतर मार्गदर्शन एवं प्रोत्साहन से यूपीयूएमएस सैफई में जटिल एवं चुनौतीपूर्ण मामलों का भी सफलतापूर्वक उपचार संभव हो रहा है, जिससे प्रदेश के दूर-दराज़ क्षेत्रों के मरीजों को उच्चस्तरीय चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध हो रही हैं।