भाकृअनुप–अटारी, कानपुर में कालानमक चावल के प्रचार-प्रसार पर मंथन
हिंदुस्तान न्यूज़ एक्सप्रेस कानपुर | भाकृअनुप–कृषि प्रौद्योगिकी अनुप्रयोग अनुसंधान संस्थान (अटारी), जोन-तृतीय, कानपुर में कृषि अनुसंधान एवं विस्तार को और अधिक सशक्त बनाने के उद्देश्य से दो प्रख्यात कृषि वैज्ञानिक, राष्ट्रीय पादप जैव प्रौद्योगिकी संस्थान, नई दिल्ली के पूर्व निदेशक डॉ. नागेंद्र कुमार सिंह तथा भाकृअनुप–राष्ट्रीय अजैविक तनाव प्रबंधन संस्थान, बारामती के पूर्व निदेशक डॉ. एन. पी. सिंह ने भ्रमण और अटारी, कानपुर के निदेशक डा. राघवेंद्र सिंह एवं प्रधान वैज्ञानिक डा. अजय कुमार सिंह से भेंट एवं चर्चा की। इस अवसर पर डॉ. नागेंद्र कुमार सिंह ने पूर्वी उत्तर प्रदेश के सिद्धार्थनगर, बस्ती, बहराइच एवं आसपास के , जनपदों में म्यूटेंट कालानमक चावल की उन्नत जीन आधारित किस्मों के लोकप्रियकरण की संभावनाओं पर विशेष चर्चा की। उन्होंने कहा कि कालानमक चावल अपनी विशिष्ट सुगंध एवं गुणवत्ता के लिए जाना जाता है और उन्नत किस्मों के माध्यम से किसानों की आय में वृद्धि की जा सकती है। इसके लिए कृषि विज्ञान केंद्रों की सक्रिय भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है। बैठक में अटारी, कानपुर निदेशक द्वारा कृषि विज्ञान केंद्रों के माध्यम से संचालित विभिन्न परियोजनाओं एवं कृषि विस्तार गतिविधियों की प्रगति की जानकारी भी दोनों कृषि वैज्ञानिकों को प्रदान की गई।चर्चा के अंत में डा. राघवेंद्र सिंह, निदेशक, अटारी कानपुर ने आगंतुक वैज्ञानिकों का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि इस प्रकार के वैज्ञानिक संवाद कृषि अनुसंधान एवं विस्तार को नई दिशा प्रदान करते हैं।
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