प्रेम के सामने कोई बल सफल नहीं होता - आचार्य मनोज
हिंदुस्तान न्यूज़ एक्सप्रेस कानपुर। शास्त्री नगर स्थित रामलला गोपाल मंदिर में 24वां श्रीमद्भागवत कथा के सातवें दिवस कथा व्यास पंडित मनोज शुक्ला ने भगवान श्री कृष्ण चरित्र का प्रकाशन करते हुए बड़ी सुंदर बात बताई कि प्रेम सबसे बड़ा होता है। प्रेम के सामने कोई भी बल सफल नहीं होता। प्रेम का त्याग करने वाले कभी ज्ञानी नहीं कहा जा सकता,जिसका उदाहरण उद्धव जी का देते हुए बताता कि उद्धव जी परम ज्ञानी है,लेकिन गोपीयों के प्रेम की प्रकाष्ठा से उद्धव जी के ज्ञान का पहाड़ बह गया। कथा व्यास जी ने आगे बताया कि उद्धव जी आगे ज्ञान के भंडार है तो गोपिया भक्ति स्वरूपा है। भक्ति ज्ञान का भी सार है। आज भी उद्धव वन में निवास करते है, जहाँ भगवान श्री कृष्ण के प्रत्यक्ष देश हो सकते है। इसी स्थान पर 16 हजार रानियो ने भगवान श्री कृष्ण का साक्षात्कार किया। साथ ही इसी स्थान पर बज्रनाभ की मुक्ति हुई। आज भी भगवान श्री कृष्ण का यहाँ पर प्रत्यक्ष निवास पाया गया है।
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