टीबी उन्मूलन को बनाये जनआंदोलन: जिलाधिकारी
- जनपद स्तरीय टीबी टास्क फोर्स एवं टीबी स्टीयरिंग कमेटी की बैठक
हिंदुस्तान न्यूज़ एक्सप्रेस कानपुर | राष्ट्रीय क्षय उन्मूलन कार्यक्रम के अंतर्गत जनपद स्तरीय टीबी टास्क फोर्स एवं टीबी स्टीयरिंग कमेटी की बैठक में अभियान की प्रगति की विस्तृत समीक्षा की गई। जिलाधिकारी जितेंद्र प्रताप सिंह ने स्पष्ट कहा कि टीबी उन्मूलन केवल स्वास्थ्य विभाग का दायित्व नहीं, बल्कि जनभागीदारी से चलने वाला अभियान है। जागरूकता और समय पर जांच इस लड़ाई की सबसे महत्वपूर्ण कड़ी है।सरसैया घाट स्थित नवीन सभागार में आयोजित बैठक में कार्यक्रम से जुड़े सभी प्रमुख सूचकांकों पर चर्चा हुई। जिलाधिकारी ने मुख्य चिकित्सा अधिकारी को निर्देश दिया कि जिन निजी चिकित्सालयों में टीबी का शून्य नोटिफिकेशन है, उन्हें नोटिस जारी कर रिपोर्टिंग व्यवस्था को सुदृढ़ किया जाए। उन्होंने कहा कि संदिग्ध मरीजों की पहचान, जांच और पंजीकरण में किसी स्तर पर लापरवाही नहीं होनी चाहिए।शिक्षा विभाग को निर्देश दिए गए कि प्रत्येक विद्यालय में एक शिक्षक या शिक्षा मित्र को हेल्थ एंबेसडर नामित किया जाए, जो विद्यार्थियों और उनके अभिभावकों को टीबी के लक्षण, जांच और उपचार के प्रति जागरूक करेंगे।जिलाधिकारी ने जनपद की सभी 590 ग्राम पंचायतों, प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों, पंचायत भवनों, नगर निगम, नगर पालिका और नगर पंचायत क्षेत्रों में टीबी जागरूकता संबंधी साइन बोर्ड स्थापित करने के निर्देश दिए। स्क्रीनिंग के लिए संचालित मोबाइल यूनिट का शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों के अनुसार माइक्रो व रूट प्लान तैयार करने को कहा गया, जिससे अधिकतम लोगों की जांच सुनिश्चित हो सके।स्क्रीनिंग में चिन्हित मरीजों को पोषण पोटली का समयबद्ध वितरण सुनिश्चित करने तथा गणमान्य नागरिकों, स्वैच्छिक संस्थाओं और औद्योगिक इकाइयों को निक्षय मित्र के रूप में जोड़ने पर भी बल दिया गया।बैठक में यह भी बताया गया कि कार्यक्रम के प्रदर्शन के आधार पर जनपद ने प्रदेश स्तर पर तृतीय स्थान प्राप्त किया है। अधिकारियों को वर्तमान प्रगति को बनाए रखते हुए और बेहतर परिणाम देने के निर्देश दिए गए।बैठक में मुख्य विकास अधिकारी दीक्षा जैन, मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. हरि दत्त नेमी, अपर मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. सुबोध, जिला पंचायत राज अधिकारी, बेसिक शिक्षा अधिकारी सहित संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।टीबी के प्रमुख लक्षण दो सप्ताह से अधिक समय तक लगातार खांसी बलगम में खून आना लगातार बुखार, विशेषकर शाम के समय रात में पसीना आना अचानक वजन कम होना और भूख न लगना सीने में दर्द या सांस लेने में तकलीफ टीबी से जुड़ी सहायता व हेल्पलाइन नंबर राष्ट्रीय टीबी हेल्पलाइन नंबर: 1800-11-6666 निःशुल्क जांच और उपचार सरकारी स्वास्थ्य केंद्रों पर उपलब्ध लक्षण दिखने पर निकटतम प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र या जिला चिकित्सालय में संपर्क करें।