लाखों रुपयों की लागत से बने पशु-चिकित्सा केंद्र बने खण्डहर |
सुनील कुमार धुरिया संवाददाता
हिंदुस्तान न्यूज़ एक्सप्रेस मौदहा,हमीरपुर l कस्बा मौदहा क्षेत्र में लगभग एक दशक पूर्व शासन की मनसा अनुसार ग्रामीण पशुपालकों को राहत देने के उद्देश्य से सरकार ने प्रत्येक विकासखंड की न्याय पंचायत स्तर पर लाखों रुपयों की लागत लगा पशु चिकित्सा केंद्र स्थापित किये और इनके रखरखाव सहित तमाम समुचित व्यवस्थाओं की जिम्मेदारी क्षेत्रीय आलाधिकारियों को सौंपी गई परंतु इन जिम्मेदारों की उदासीनता के चलते लाखों की लागत से बने ज्यादातर राजकीय पशु चिकित्सा केंद्र रखरखाव व उचित देखरेख न हो पाने के चलते खंडहर बन चुके हैं और जो जिनका कुछ नामोनिशान बाकी रह गया है उन पर गांव के रसूखदारों का कब्जा है इसी कड़ी में हम बात करते हैं मौदहा विकासखंड के की सबसे बड़ी न्याय पंचायत सिसोलर की जहां ग्रामीण पशुपालकों को राहत देने के उद्देश्य से सरकार की मनसानुसार एक दशक पूर्व योजना के तहत लाखों की लागत से राजकीय पशु चिकित्सा केंद्र स्थापित किया गया था और इसकी सारी जिम्मेदारी मौदहा क्षेत्रीय पशु चिकित्सा अधिकारी को सौंपी गई थी परंतु समुचित व्यवस्थाओं व उचित रखरखाव के अभाव में राजकीय पशु चिकित्सा केंद्र मात्र नाम का ही रह गया है अब यह पूरी तरह से खंडहर में तब्दील हो चुका है और जो कुछ बिल्डिंग का अंश सही सलामत है उसे पर गांव के ही कुछ रसूखदारों का कब्जा बना हुआ है जहां वह अपने पशु बड़े का संचालन करता है और ग्रामीण पशुपालकों की स्थिति व समस्याएं जिसकी तस्वीर जो कुछ दशकों पहले थी नाम न छापने की शर्त पर जब कुछ गांव वालों ने दबी जुबान जनता की आवाज कहे जाने वाले क्षेत्रीय मीडिया कर्मी को इस बाबत जानकारी दी तब मीडिया कर्मी ने इस मामले में हस्तक्षेप करते हुए क्षेत्रीय पशु चिकित्सा अधिकारी डॉ राजेश गुप्ता से बात की और उन्हें इस समस्या के बारे में बताया तब उन्होंने राजकीय धरोहर पर कब्जे तथा ऐसी किसी बिल्डिंग के संज्ञान में होने से मना करते हुए कहा कि हमें इस बात की जानकारी नहीं थी कि हमारे पशु विभाग की कोई बिल्डिंग आपकी न्याय पंचायत सिसोलर में भी है व उसकी इतनी दयनीय स्थित है हम आज ही उसका निरीक्षण कर तत्काल प्रभाव से कब्जा मुक्त करवा बिल्डिंग की मरम्मत कराकर उसका सही ढंग से संचालन शुरू करवाते हैं। जिससे शासन की मनसा अनुसार ग्रामीण पशुपालकों को उचित लाभ व उनके पशुओं को उचित चिकित्सा मुहैया कराई जा सके।