एनएसएस विशेष शिविर में पशुपालन तकनीकी परिचर्चा
हिंदुस्तान न्यूज़ एक्सप्रेस कानपुर | सीएसए में राष्ट्रीय सेवा योजना की समस्त इकाइयों के विशेष शिविर के चौथे दिन छात्रों को ग्रामीण स्वरोजगार हेतु छत पर बागवानी एवं पशुपालन ग्रामीण स्वरोजगार पर तकनीकी चर्चा एवं प्रबंधन के विभिन्न तरीकों पर चर्चा हुई। कार्यक्रम का संचालन डॉ. उमा नाथ शुक्ला ने की |
डॉ. अरुण कुमार ने पशुपालन एक स्वरोजगार से जुड़ी विभिन्न तकनीकी पहलुओं पर उदाहरण के साथ विशेष चर्चा करते हुए छात्रों को पशुपालन के महत्व एवं इसमें भविष्य की तकनीकी गुंजाइशों का भी विवरण दिया। साथ ही डॉ अरूण ने बकरी पालन कम लागत में अधिकतम लाभ कैसे पाया जा सकता है, पर महत्वपूर्ण विचार रखें।इसी क्रम में डॉ. सोमेन्द्र ने छत पर बागवानी से जुड़े पहलुओं पर चर्चा की, एवं स्वरोजगार के अवसरों को जागृत करते हुए इससे स्वास्थ्य पर फायदे भी बताए। डॉ राजीव कुमार ने बताया कि उपभोक्ता संरक्षण अधिनियम- 2019 जो 20 जुलाई 2020 से प्रभावी है, उपभोक्ताओं के हितों की रक्षा करने वाला एक सशक्त कानून है। इसके तहत् 6 अधिकार दिए गए हैं। सुरक्षा का अधिकार सूचित किए जाने का अधिकार, चुनने का अधिकार, सुनवाई का अधिकार, निवारण का अधिकार, उपभोक्ता शिक्षा का अधिकार दिए गए हैं। इस दौरान विभिन्न इकाइयों के कार्यक्रमधिकारी डॉ.राजीव कुमार , डॉ. अरुण कुमार, डॉ. उमा नाथ शुक्ला , डॉ. सर्वेश कुमार डॉ. संघमित्रा महापत्रा, गेस्ट फैकल्टी डॉ सोमेन्द्र, डॉ रजत मिश्रा एवं अन्य शिक्षक मौजूद रहे |