खबर का असर:आरक्षित पदों पर सामान्य जाति भर्तियों की जांच करेगा क्षेत्रीय उच्च शिकाधिकारी कार्यालय
- डीबीएस, डीएवी और एमएवी के प्रिंसिपलों और प्रबंधन को नोटिस भेजकर संदिग्ध भर्तियों वाले पदों की पत्रावली तलब करेंगे आरएसओ कानपुर मंडल
- भीम आर्मी ने भी अनुसूचित जाति-जनजाति पदों और हक पर अतिक्रमण का आरोप लगाकर दिया शिकायती पत्र, की तुरंत जांच की मांग
हिंदुस्तान न्यूज़ कानपुर। महानगर के सबसे बड़े डीबीएस पीजी कालेज, डीएवी कॉलेज और महिला महाविद्यालय में तृतीय और चतुर्थ श्रेणी के पदों पर सामान्य और पिछड़ा वर्ग के कैंडिडेट्स की भर्तियों के गंभीर आरोपों की जांच अब क्षेत्रीय उच्च शिक्षाधिकारी कार्यालय करवाएगा। क्षेत्रीय उच्च शिक्षाधिकारी डॉ. राजेश प्रकाश ने इन कॉलेजों के प्रबंधन को नोटिस भेज कर संदिग्ध पदों पर नियुक्त लोगों की पत्रावलियां तलब करने और फिर इनकी जांच के लिए जल्द ही कमेटी गठित करने की बात कही है। बता दें कि एक ही प्रबंधन के तीन कॉलेजों की भर्तियों में गड़बड़ी के आरोप खुद कालेज के रेगुलर कर्मचारी ने लगाए। इसके बाद अनुसूचित जाति-जनजाति के पदों और हक पर डाका डालने के आरोप लगाकर आजाद समाज पार्टी (कांशीराम) और चर्चित सांसद चंद्र शेखर रावण की भीम आर्मी मामले में कूद पड़ी है। भीम आर्मी के पदाधिकारियों व कार्यकर्ताओं ने डीबीएस और डीएवी कॉलेज समेत इस प्रबंधन के तीनों कलेजों में संदिग्ध नियुक्तियों की तुरंत जांच की मांग के लिए पत्र देकर हंगामा तक काटा है। जांच नहीं होने पर एससी एसटी आयोग और मुख्यमंत्री तक से सीधी शिकायत की चेतावनी तक संगठन ने दी है।
गौरतलब है कि डीबीएस कालेज बॉटनी लैब के चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी रविकांत त्रिपाठी ने कालेज प्रबंधन पर कर्मचारियों से कालेज के बजाए बंगले पर बेगारी करने के लिए मजबूर करने, विरोध पर उत्पीड़न किए जाने के आरोपों के साथ ही प्रबंधन पर सालों से एससी एसटी वर्ग के लिए आरक्षित पदों पर ब्राह्मण, क्षत्रिय जैसे सवर्णों समेत यदुवंशी आदि कई पिछड़ी जाति के कैंडिडेट्स को भर्ती कर डालने के गंभीर आरोप लगाए हैं। अपने इन आरोपों के पक्ष में पीड़ित रविकांत ने शिकायती पत्र में तीनों कॉलेजों में कई ऐसे थर्ड और फोर्थ क्लास पदों भारती लोगों के नामों की सूची सौंपी है, जिनकी नियुक्तियां संदिग्ध हैं। उन्होंने गोविंद नगर स्थित डीबीएस कालेज में 6 पद, किदवई नगर महिला महाविद्यालय में 5 और डीएवी के 19 पदों पर नियुक्तियों संदेहास्पद बताकर जांच की मांग की है।
भीम आर्मी और आजाद समाज पार्टी के पदाधिकारियों ने शिकायतकर्ता संग सरकारी मानव सम्पदा पोर्टल पर एससी एसटी वर्ग में कार्यरत कर्मचारियों की सेवा पंजिका में कुछ के पिता और पत्नी आदि के नाम के आगे सामान्य जातियों वाले सरनेम लिखे दिखे हैं, जिसके स्क्रीन शॉट और स्क्रीन रिकॉर्डिंग शिकायतकर्ता ने आरएसओ ऑफिस (क्षेत्रीय उच्च शिक्षाधिकारी कार्यालय) को उपलब्ध करवाई है। उनका कहना है कि मांगे जाने पर फिर से उपलब्ध साक्ष्य उपलब्ध करवाएंगे। प्रदेश पदाधिकारी कौशल वाल्मीकि और जिलाध्यक्ष अर्पित के अनुसार निष्पक्ष जांच नहीं होने पर आयोग जाएंगे और मुख्यमंत्री से मिलकर सीधे न्याय मागेंगे। बता दें कि महीनों पूर्व ही संगठन द्वारा तीनों कॉलेजों में आरटीआई के माध्यम से संदिग्ध पदों के बारे में सूचनाएं मांगने पर आज तक नहीं दी गई हैं।