हिंदुओं की दुकानें हटवाने पर बजरंगी पहुंचे मंदिर, पुलिस ने संभाली स्थिति
हिंदुस्तान न्यूज़ एक्सप्रेस कानपुर। चैत्र नवरात्र के दौरान देवी मंदिरों के आसपास मेले में दुकान लगाने को लेकर विवाद सामने आया है। विशेष समुदाय के लोगों द्वारा दुकाने लगाए जाने के विरोध में बजरंग दल के कार्यकर्ताओं ने आपत्ति जताई है। इसको लेकर पहले ही पुलिस को ज्ञापन सौंपा जा चुका है।
रविवार को बजरंग दल के कार्यकर्ता तपेश्वरी मंदिर पहुंचे। आरोप है कि यहां कुछ लोग आकर हिंदू दुकानदारों की दुकानें हटवाने और उन्हें धमकाने का प्रयास कर रहे थे। सूचना मिलने पर कार्यकर्ता मौके पर पहुंचे, हालांकि तब तक आरोपी वहां से जा चुके थे। बजरंग दल के कार्यकर्ता शिवम सोनकर ने बताया- 5 दिन पहले ही पुलिस कमिश्नर को ज्ञापन देकर इस मुद्दे को उठाया गया था। इसके बाद भी 15-20 लोग मंदिर के पास आकर हिंदू दुकानदारों को धमका रहे थे कि यदि दुकानें लगी मिलीं तो अंजाम गलत होगा। इसकी सूचना पाकर हम लोग मौके पर पहुंचे, तब तक वह लोग जा चुके थे। पुलिस ने सहयोग किया है। मेला सुचारु रुप से चल रहा है। चैत्र नवरात्रि के अवसर पर शहर के प्रमुख देवी मंदिरों तपेश्वरी, बारादेवी, आशादेवी और जंगली देवी में लगने वाले मेलों को लेकर बजरंग दल ने कड़ा रुख अपनाया है। बजरंग दल के कार्यकर्ताओ ने पांच दिन पहले पुलिस कमिश्नर को ज्ञापन सौंपकर मेलों में विशेष समुदाय के लोगों द्वारा दुकानें लगाए जाने का विरोध किया था। बजरंग दल के शिवम सोनकर ने आरोप लगाया कि अन्य समुदाय के लोग एक षड़यंत्र के तहत मेले में आते हैं। महिलाओं से बदतमीजी करते हैं और धार्मिक स्थल की पवित्रता भंग करते हैं। कार्यकर्ताओं का कहना है कि जिनकी हमारे धर्म और देवी-देवताओं में आस्था नहीं है, उन्हें इन धार्मिक मेलों में व्यापार करने का कोई अधिकार नहीं है।