छत्रपति शाहू जी विश्वविद्यालय में खादी सेमिनार एवं फैशन शो का आयोजन, युवाओं को स्वदेशी अपनाने का आह्वान
हिंदुस्तान न्यूज़ एक्सप्रेस कानपुर नगर।उ०प्र० खादी तथा ग्रामोद्योग बोर्ड, कानपुर मण्डल द्वारा छत्रपति शाहू जी महाराज विश्वविद्यालय के एल-1 व्याख्यान कक्ष में एक दिवसीय खादी सेमिनार का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में प्रदेश के सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम, निर्यात प्रोत्साहन, खादी एवं ग्रामोद्योग, हथकरघा एवं वस्त्रोद्योग तथा रेशम विभाग के कैबिनेट मंत्री राकेश सचान की गरिमामय उपस्थिति रही।
सेमिनार का उद्देश्य खादी को पर्यावरण अनुकूल, स्वदेशी, प्राकृतिक एवं सतत (सस्टेनेबल) वस्त्र के रूप में बढ़ावा देना तथा विलुप्त हो रहे खादी एवं स्वदेशी उत्पादों के प्रति आमजन और युवा पीढ़ी को जागरूक करना रहा। मंत्री ने अपने संबोधन में खादी वस्त्रों के उपयोग से होने वाले लाभों की जानकारी देते हुए इसे आत्मनिर्भर भारत की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताया। उन्होंने सभी से अपील की है कि खादी अपनाएं, स्थानीय उत्पादों को बढ़ावा दें और स्वरोजगार एवं उद्यमिता की दिशा में आगे बढ़ें।
कार्यक्रम के दौरान विश्वविद्यालय के छात्रों द्वारा खादी वस्त्रों पर आधारित फैशन शो का भी आयोजन किया गया। इस अवसर पर मंत्री ने छात्रों एवं आयोजन से जुड़े विभागों की सराहना करते हुए कहा कि यह प्रस्तुति बड़े शहरों में आयोजित फैशन शो से कम नहीं थी। उन्होंने कहा कि खादी केवल वस्त्र नहीं, बल्कि देश की संस्कृति, आत्मनिर्भरता और स्वाभिमान का प्रतीक है, जो महात्मा गांधी के स्वदेशी और ग्राम स्वावलंबन के विचारों से प्रेरित है।
उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार खादी एवं ग्रामोद्योग के माध्यम से ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार सृजन को बढ़ावा दे रही है, जिससे पलायन रोकने और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने में मदद मिल रही है। खादी क्षेत्र में स्टार्टअप, नवाचार और उद्यमिता की अपार संभावनाएं हैं, जिनसे युवा न केवल आत्मनिर्भर बन सकते हैं बल्कि राष्ट्र निर्माण में भी योगदान दे सकते हैं।
सेमिनार में खादी के इतिहास पर भी प्रकाश डाला गया, जिसमें बताया गया कि वर्ष 1915 में दक्षिण अफ्रीका से लौटने के बाद महात्मा गांधी ने खादी को स्वतंत्रता आंदोलन से जोड़ा। चरखे और हस्तकरघा के माध्यम से शुरू हुई यह पहल आज आधुनिक तकनीकों के साथ व्यापक रूप ले चुकी है, जिससे बड़ी संख्या में ग्रामीण एवं शहरी लोगों को रोजगार मिल रहा है।
खादी के उत्पादन और बिक्री में भी उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की गई है। वित्तीय वर्ष 2013-14 में जहां उत्पादन लगभग 811 करोड़ रुपये था, वहीं वर्तमान में यह बढ़कर करीब 3200 करोड़ रुपये हो गया है। इसी प्रकार बिक्री भी लगभग 1000 करोड़ रुपये से बढ़कर 6500 करोड़ रुपये तक पहुंच गई है, जो पिछले एक दशक में करीब 300 प्रतिशत की वृद्धि को दर्शाता है।
कार्यक्रम में ग्रामोद्योग महासंघ के अध्यक्ष सुरेश गुप्ता सहित विभिन्न जनपदों से आए खादी संस्थाओं के प्रतिनिधियों ने अपने अनुभव साझा किए और युवाओं को खादी उत्पादों से जुड़ने के लिए प्रेरित किया।
इस अवसर पर अशोक कुमार शर्मा (जिला/परिक्षेत्रीय ग्रामोद्योग अधिकारी), प्रो. सुरेश कुमार अवस्थी, राकेश मिश्रा (कुलसचिव), डॉ. प्रशांत कुमार, जीउत बली यादव (सहायक निदेशक) सहित बड़ी संख्या में अधिकारी, कर्मचारी एवं छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे।