निकरा योजना अंतर्गत गेहूं फसल में प्रक्षेत्र दिवस का हुआ आयोजन
हिंदुस्तान न्यूज़ एक्सप्रेस कानपुर | सीएसए के अधीन संचालित कृषि विज्ञान केंद्र दलीप नगर की ओर से निकरा योजना के अन्तर्गत गेहूं की ऊसर सहनशील प्रजाति केआरएल 283 के मूल्यांकन हेतु सहतावनपूर्वा गांव में प्रगतिशील कृषक छुन्ना लाल के प्रक्षेत्र पर लगे प्रदर्शन पर क्षेत्र दिवस पर आयोजन किया गया। जिसमें लगभग 30 से अधिक कृषकों ने भाग लिया। केंद्र के कृषि वैज्ञानिक डॉ खलील खान ने बताया कि प्रक्षेत्र निकरा योजना द्वारा कृषकों के प्रक्षेत्र पर स्थानीय कृषि पारिस्थितिकी के अनुसार आवश्यकता सुधार हेतु सूक्ष्म पर हस्तक्षेप करके तकनीकी सुधार एवं प्रसार की एक आवश्यक प्रक्रिया की गई है। उन्होंने बताया कि कृषक प्रक्षेत्र पर लगी हुई गेहूं की उक्त प्रजाति बदलती जलवायु परिवेश ऊसर को सहन करने में पूर्णतया सक्षम है तथा पकाव की अवस्था पर तापमान में यकायक वृद्धि को सहन करती है। उन्होंने बताया कि बालियों के सभी दाने एक साइज के पकते है और उपज क्षमता 45 से 48 क्विंटल होती है । उन्होंने बताया कि रोग एवं व्याधियों की पूर्ण रोकथाम हेतु कृषि रसायनों के साथ-साथ बीज उपचार हेतु देशी तकनीक विधियों को खेत की तैयारी, बीज, बुवाई एवं अंकुरण अवस्था पर ध्यान देने से गेहूं की फसल में कीट-बीमारियों को पूर्ण रूप से रोका जा सकता हैै। चर्चा के दौरान डॉ खान ने बताया कि समस्याग्रस्त मृदाओं को जिप्सम एवं ढैंचा की हरी खाद लगाकर फसल उत्पादन क्षेत्र को बढ़ाना चाहिए। प्रक्षेत्र दिवस के अवसर पर 30 से अधिक किसान उपस्थित रहे।
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