जनपद में वर्ष 2026-27 में 28 विभागों द्वारा 35,48,356 पौधों का होगा रोपण
-कार्बन क्रेडिट योजना से किसानों को अतिरिक्त आय दिलाने के निर्देश, प्रति वृक्ष ₹250 से ₹350 तक मिलेगा लाभ
हिंदुस्तान न्यूज़ एक्सप्रेस कानपुर | जिलाधिकारी जितेंद्र प्रताप सिंह की अध्यक्षता में सरसैयाघाट स्थित नवीन सभागार में जिला वृक्षारोपण समिति की बैठक सम्पन्न हुई बैठक में वर्ष 2026-27 के पौधारोपण कार्यक्रम की समीक्षा करते हुए बताया गया कि जनपद में 28 विभागों के माध्यम से कुल 35,48,356 वृक्षों का रोपण किया जाएगा। जिलाधिकारी ने निर्देशित किया कि इस अभियान के अंतर्गत मियावाकी पद्धति सहित विभिन्न तकनीकों को अपनाते हुए पौधारोपण हेतु उपयुक्त भूमि का समय से चिन्हांकन सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने सभी विभागों के अधिकारियों को निर्देशित करते हुए कहा कि अपने-अपने निर्धारित लक्ष्य के अनुरूप शीघ्र भूमि चिन्हित कर उसकी विस्तृत सूचना वन विभाग को उपलब्ध कराएं। साथ ही पौधों की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए संबंधित नर्सरी से पौधे प्राप्त करने की कार्ययोजना पूर्व में ही तैयार कर ली जाए।
समीक्षा के दौरान प्रभागीय निदेशक, सामाजिक वानिकी ने जानकारी दी कि कृषकों की आय में वृद्धि हेतु भारत सरकार द्वारा संचालित कार्बन क्रेडिट योजना प्रभावी रूप से लागू की जा रही है। इस योजना के अंतर्गत ऐसे किसानों को लाभ प्रदान किया जाएगा, जिन्होंने स्वयं वृक्षारोपण किया है। उन्हें प्रति वृक्ष लगभग ₹250 से ₹350 तक की अतिरिक्त आय प्राप्त होगी। उन्होंने बताया कि भारत सरकार द्वारा वर्ष 2070 तक देश को कार्बन न्यूट्रल बनाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। इस लक्ष्य की प्राप्ति में कृषि क्षेत्र की महत्वपूर्ण भूमिका को देखते हुए कृषि वानिकी (एग्रोफॉरेस्ट्री) को बढ़ावा दिया जा रहा है।जिलाधिकारी ने उप निदेशक कृषि एवं जिला उद्यान अधिकारी को निर्देशित किया कि ऐसे किसानों की सूची तैयार की जाए, जिन्होंने पौधारोपण किया है अथवा इसमें रुचि रखते हैं। यह सूची वन विभाग को उपलब्ध कराई जाए, ताकि पात्र किसानों को शीघ्र योजना का लाभ दिलाया जा सके। इसके अतिरिक्त किसानों को तेजी से बढ़ने वाले एवं आर्थिक रूप से लाभकारी पौधे के रोपण के लिए जागरूक करने तथा उन्हें आवश्यक तकनीकी मार्गदर्शन उपलब्ध कराने के निर्देश भी दिए गए। जिलाधिकारी ने सभी संबंधित विभागों को आपसी समन्वय स्थापित करते हुए योजना का व्यापक प्रचार-प्रसार करने तथा अधिक से अधिक किसानों को इससे जोड़ने के निर्देश दिए, जिससे पर्यावरण संरक्षण के साथ-साथ कृषकों की आर्थिक स्थिति सुदृढ़ हो सके। बैठक में मुख्य विकास अधिकारी अभिनव जैन, प्रभागीय निदेशक, सामाजिक वानिकी, दिव्या, जिला विकास अधिकारी सहित अन्य संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।